नगीना।
खंड नगीना के ग्राम उलेटा में पिछले 24 दिनों (1 जुलाई से) से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन और स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि ग्रामीणों को दूर-दराज़ से पानी ढोना पड़ रहा है या फिर 1,000 से 1,200 रुपये प्रति टैंकर चुकाकर निजी टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अधिकारियों की बेरुखी से फूटा गुस्सा : ग्रामीणों का कहना है कि 16 जुलाई को पेयजल विभाग के आला अधिकारियों जैसे जेई अबरार अहमद, एसडीई अजय जांगड़ा, एसडीई सूबे सिंह और कार्यकारी अभियंता अमित संडीला को समस्या से अवगत कराया गया था। व्हाट्सएप के जरिए लिखित संदेश और शिकायती पत्र भी भेजे गए, लेकिन आज (22 जुलाई) 6 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों की ओर से सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं।
1 जुलाई से गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। 16 जुलाई को अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद 22 जुलाई तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है। सरकार के दावों के बीच 24 दिनों तक पीने के पानी से महरूम रहना प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है
- - सलीम खान मेव, पूर्व जिला अध्यक्ष (ह्यूमन राइट्स जस्टिस एसोसिएशन, नूंह)
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से गुहार
ग्रामीणों ने इस गंभीर लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार, उपायुक्त नूंह और जन स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
फोटो: उलेटा का जलघर।