दिल्ली के वजीराबाद औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) की तलवार लटकी है। कमेटी ने औद्योगिक क्षेत्र की करीब 170 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया है।
इसमें निर्देश दिया है कि इलाके से गुजरने वाले नाले में साफ पानी ही छोड़ा जाए। ऐसा न होने की हालत में उद्यमियों पर कार्रवाई जाएगी।
अधिकारियों की मानें तो बीते दिनों डीपीसीसी ने औद्योगिक क्षेत्र के नालों के पानी की जांच की थी। इस दौरान पता चला था कि नाले के पानी की गुणवत्ता बहुत खराब है। कई जगहों पर पानी तेजाब जैसा पाया गया।
इसके बाद डीपीसीसी ने नोटिस जारी की कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के बाद ही नालों में डाला जाए। पंद्रह मई के बाद दिल्ली जल बोर्ड पानी के गुणवत्ता की जांच करेगा। अगर नाले का पानी मानक से खराब रहा तो फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बारे में वजीरपुर स्माल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जयकुमार बंसल का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र का सारा पानी सीईटीपी के जरिए ही नालों में जाता है। ऐसे में संभव नहीं कि नाले के पानी की गुणवत्ता खराब होने का सवाल नहीं उठता। इसकी जानकारी डीपीसीसी को दे दी जाएगी।