आईएमटी मानेसर के गांव अलियर में मंगलवार को अत्याधुनिक टेक्नालॉजी वाला वाटर एटीएम से ग्रामीणों को पेयजल देने की शुरूआत लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने की। वाटर एटीएम में कुल 25 लाख रूपये खर्च हुए है। इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी वाटर लाइफ कंपनी को दी गई है।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा इस वर्ष को स्वर्ण जयंती के रूप में मना रहा है। हरियाणा को बने हुए 50 साल पूरे हो गए है। जब हरियाणा प्रदेश अस्तित्व में आया था, तब प्रदेश में केवल 7 जिले गुरुग्राम, अंबाला, महेंद्रगढ़, करनाल, रोहतक, जींद, हिसार थे।
इनमें गुरुग्राम को सबसे पिछड़ा जिला समझा था। लेकिन समय के साथ यहां पर भी औद्योगिक गतिविधियों बढ़ी। मारूति, हीरो व डीएलएफ जैसी कंपनियों आई। उन्होंने कहा कि आज गुरुग्राम में बहुत से ऐसे इलाके है, जहां भूमिगत जल अत्यधिक दूषित है।
water atm
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जिससे शरीर में ज्यादातर बिमारियां पानी से ही फैलती है। यदि स्वच्छ पानी का सेवन करें, तो बिमारियों से स्वयं बचेंगे। ग्रामीणों से कहा कि वाटर एटीएम का लाभ उठाएं, शरीर को स्वस्थ बनाएं। मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड कंपनी के पदाधिकारियों का एटीएम (वाटर प्यूरिफायर सिस्टम) लगाने के लिए आभार जताया।
कार्यक्रम में गांव अलियर के ग्रामीणों ने लोक निर्माण मंत्री के समक्ष कई समस्याएं भी रखी। जिस पर कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया कि वह समस्याओं को अधिकारियों से विचार-विमर्श कर हल करानेका समाधान करेंगे।
कार्यक्रम में मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड कंपनी के सीएसआर महाप्रबंधक रंजीत सिंह ने वाटर एटीएम के बारे में जानकारी दी। आरओ सिस्टम में 5 स्टेज वाटर प्यूरिफि केशन होता है। जबकि वाटर एटीएम में 10 स्टेज वाटर प्यूरिफिकेशन होता है।
इस पर लगे मॉनीटर सिस्टम के जरिए पानी के टीडीएस लेवल को चैक किया जा सकता है। वाटर एटीएम पानी के 500 टीडीएस को घटाकर 70 से 80 टीडीएस तक कर देता है। इस वाटर एटीएम से व्यक्ति 30 से 35 पैसे प्रति लीटर की दर से पानी प्राप्त कर सकते हैं।
वाटर प्यूरिफि केशन के बाद निकलने वाले 25 प्रतिशत व्यर्थ पानी के सदुपयोग के लिए वाटर एटीएम के साथ बगीचा बनाया गया है ताकि वाटर एटीएम से निकलने वाले रिजेक्टिड पानी का सदुपयोग हो सके।
इस मौके पर अलियर ग्राम पंचायत समेत अब तक गांव कासन, बासहरिया, बास कुसला व ढाणा में भी वाटर एटीएम लगाए जा चुके हैं। मारूति कंपनी उपमहाप्रबंधक जीपी चड्डा, उपप्रबंधक तन्नु, प्रबंधक (सीएसआर) राजेश गुजराल के अलावा अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।