दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाला वेस्ट टू वंडर पार्क अगले सप्ताह खुल सकता है। खास बात यह है कि इस बार पार्क के खुलने पर केवल सीमित समय के लिए ही लोगों को प्रवेश की अनुमति रहेगी। इस संबंध में निगम की ओर से तैयारियां कर ली गई हैं, हालांकि अभी केंद्र द्वारा जारी होने वाली गाइडलाइंस का इंतजार किया जा रहा है।
दक्षिणी निगम के नेता सदन नरेंद्र चावला ने बताया कि राजधानी में अमूमन सभी चीजें खुल चुकी हैं, हालांकि अभी एम्यूजमेंट पार्क को खोले जाने की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमें उम्मीद है कि केंद्र द्वारा इस बार जारी होने वाली गाइडलाइंस में एम्यूजमेंट पार्क को खोले जाने की अनुमति मिल सकती है। इसको देखते हुए निगम ने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है।
उन्होंने बताया कि पहले पार्क में प्रवेश करने पर अंदर रहने की कोई समय सीमा नहीं थी। यही कारण था कि कई लोग सुबह प्रवेश करने के बाद शाम को निकलते थे, लेकिन अब कोरोना को देखते हुए पार्क में सीमित समय के लिए ही लोगों को प्रवेश मिलेगा। यानी अब अधिक समय के लिए लोग पार्क में नहीं रह सकेंगे। इससे न केवल शारीरिक दूरी का पालन कराने में मदद मिलेगी वहीं, पार्क घूमने के लिए आने वाले अन्य लोगों को भी मौका मिल सकेगा।
चावला ने बताया कि केंद्र द्वारा गाइडलाइंस जारी होने के बाद समय का निर्धारण भी किया जाएगा। वहीं, पार्क में प्रवेश करने वाले लोगों के सामान को भी सैनिटाइज करने के साथ-साथ, मास्क की अनिवार्यता, शारीरिक दूरी का पालन और थर्मल स्कैनिंग जैसे उपायों का सहारा लिया जाएगा।
गौरतलब है कि वेस्ट टू वंडर पार्क कबाड़ से बनाए गए विश्व के सात अजूबों की कलाकृति का पार्क है। यहां 12 से 60 वर्ष तक की आयु के लोगों के लिए 50 रुपये शुल्क और 12 वर्ष से कम बच्चों के लिए 25 रुपये का शुल्क लिया जाता है। इससे निगम को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त हो जाता है, हालांकि इस बार कोरोना की वजह से निगम को राजस्व का नुकसान हुआ है।