लॉक डाउन के दौरान ऑनलाइन शराब बेचने के नाम पर देशभर के 1500 से अधिक लोगों से ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी हुजैफा (25) और गांव तिरवाड़ा, पुन्हाना, मेवात, हरियाणा निवासी हाफिज तुफैल (35) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 डेबिट कार्ड, पांच सिम, चार चेकबुक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी हुजैफा के खाते में 20 फरवरी से 9 सितंबर 2020 के बीच 35 लाख से अधिक की रकम ट्रांसफर हुई है। गैंग लीडर नासिर भरतपुर, राजस्थान में बैठकर सारा नेटवर्क चला रहा है। साइबर सेल की एक टीम उसकी तलाश में जुटी है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 24 जुलाई को न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाने में करण पालता नामक शख्स ने ठगी की शिकायत दी थी। करण ने पुलिस को बताया कि उसने फेसबुक पर ऑनलाइन शराब बिक्री का विज्ञापन देखा था। दिए गए नंबर पर कॉल करने पर आरोपियों ने चार हजार रुपयों में दो बोतल देने की बात की।
करण आरोपियों के झांसे में आ गया। उसने पेटीएम के जरिये चार हजार रुपये आरोपियों के खाते में भेज दिए। लेकिन शराब उसके घर नहीं पहुंची। पूछने पर आरोपियों ने रुपये वापस करने की बात की। आरोपियों ने करण को एक यूपीआई लिंक भेजकर क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए कहा। जैसे ही करण ने ऐसा किया उसके खाते से अब 20 हजार रुपये कट गए। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लोकल पुलिस के अलावा जिले की साइबर सेल ने भी जांच शुरू कर दी।
ऐसे पकड़े गए आरोपी...
पुलिस ने उन ई-वॉलेट और मोबाइल नंबर की पड़ताल की, जिनसे करण के साथ ठगी हुई थी। जांच के दौरान पता चला कि ई-वॉलेट से रकम साकेत के एक निजी बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस साकेत पहुंची तो पता चला कि खाता संगम विहार निवासी हुजैफा के नाम पर है और उसके खाते को हैदराबाद पुलिस के अनुरोध पर फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से आरोपी हुजैफा तक पहुंच गई। उसने दर्जनभर बैंक में अलग-अलग खाते खुलवाए हुए थे। कुछ माह के दौरान उसके खातों में 35 लाख रुपये से अधिक आए थे। हुजैफा से पूछताछ के बाद पुलिस ने लाडो सराय, दिल्ली के एक मदरसे से हाफिज तुफैल को भी गिरफ्तार कर लिया। तुफैल यहां बच्चों को कुरान की शिक्षा देता था।
ऐसे करते थे आरोपी ठगी...
हुजैफा ने बताया कि उनका गैंग लीडर भरतपुर निवासी नासिर है। वह तुफैल का रिश्तेदार है। नासिर का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। वह समय-समय पर अलग-अलग तरीकों से ऑनलाइन ठगी करता है। लॉक डाउन के दौरान शराब के नाम पर ठगी की गई। ई-वॉलेट से रकम बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होती थी। नासिर के कहने पर कई लोगों ने अपने कई-कई बैंक खाते खुलवाए हुए थे।
नासिर ठगी की रकम को इन खातों में ट्रांसफर करता था। खाता धारकों को बदले में मोटा कमीशन मिलता था। कमीशन काटने के बाद बाकी की रकम नासिर के पास पहुंच जाती थी। नासिर अब तक 1500 से ज्यादा लोगों को चूना लगा चुका है।