- पॉकेट बी-7 में पिछले दो-तीन महीने से मुख्य पाइपलाइन लीक, बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-3 में एक तरफ जहां जल संरक्षण के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही के चलते हर रोज हजारों लीटर साफ पानी नालियों और सीवरों में बहकर बर्बाद हो रहा है। पॉकेट बी-7 समेत कई इलाकों में पिछले दो-तीन महीनों से पानी की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज है लेकिन संबंधित विभाग इसे पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है।
स्थानीय निवासी विजय शंकर मेनन ने बताया कि इलाके में जलापूर्ति के निर्धारित समय सुबह 6 से 8 बजे और शाम को 6 से 8 बजे के दौरान रोजाना चार घंटे तक भारी मात्रा में पीने का पानी सड़कों पर बहता रहता है। एक तरफ लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लीकेज के कारण मीलों पानी यूं ही व्यर्थ जा रहा है। पिछले एक साल से घरों में लगातार गंदा और दूषित पानी आ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मुख्य पेयजल पाइपलाइन और सीवर लाइन के पास हुए अवैध अतिक्रमण के कारण पानी दूषित हो रहा है। गंदे पानी की आपूर्ति से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
नहीं हो रही सुनवाई
समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), जनसुनवाई पोर्टल के साथ-साथ मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक तक को लिखित शिकायतें दी हैं। इसके बावजूद अब तक धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है।
नागरिकों ने जल बोर्ड और जिला प्रशासन से मांग की है कि मुख्य पाइपलाइन के लीकेज को तत्काल दुरुस्त किया जाए, अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और इलाके में स्वच्छ पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इस नरकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।
-मोहित