जेएनयू के छात्र कन्हैया को नहीं छोड़ने पर एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने वाले बुजुर्ग को आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ब्रह्मपुरी से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान मोहर्रम अली (60) के रूप में हुई है। उसने खुलासा किया है कि बेटी के जेठ को सबक सिखाने के लिए उसके नाम से लिए सिम से वारदात को अंजाम दिया।
एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त डीके गुप्ता ने बताया कि 19 फरवरी की दोपहर एक शख्स ने कंट्रोल रूम में फोन कर आईजीआई टर्मिनल तीन पर बम लगाए जाने की सूचना दी।
मुजाहिद ने इस नंबर के सिम खरीदने से ही इंकार कर दिया
उसने धमकी दी कि जेएनयू के छात्र कन्हैया को नहीं छोड़ा तो एयरपोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के बाद बम निरोधक दस्ता टर्मिनल तीन के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।
लेकिन, वहां कोई विस्फोटक नहीं मिला। कॉल को हॉक्स करार कर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि एयरपोर्ट पर बम रखे जाने की जानकारी देने से दो घंटे पूर्व दिल्ली से दरभंगा जाने वाली ट्रेन में भी बम रखे जाने की जानकारी दी गई थी।
दोनों ही सूचना एक ही फोन नंबर से दी गई थी। पुलिस ने फोन के मालिक न्यू उस्मानपुर निवासी मुजाहिद अली को हिरासत में लेकर से पूछताछ की। मुजाहिद ने इस नंबर के सिम खरीदने से ही इंकार कर दिया।
मोहर्रम अली ने सिम को मुजाहिद अली के पहचान पत्र पर खरीदा था
उसके बाद पुलिस ने सिम जारी करने वाले न्यू सीलमपुर स्थित दुकान पर छापा मारकर दुकानदार यशपाल सिंह से पूछताछ की। यशपाल ने पुलिस को बताया कि ब्रह्मपुरी निवासी मोहर्रम अली ने सिम को मुजाहिद अली के पहचान पत्र पर खरीदा था।
उसके बाद पुलिस ने मोहर्रम अली को गिरफ्तार कर लिया। मोहर्रम ने पूछताछ में बताया कि मुजाहिद उसकी बेटी का जेठ है। वह अक्सर उसकी बेटी से मारपीट करता है। दो साल पहले जब उसने विरोध किया तो मुजाहिद ने उसे मारपीट करने के आरोप में जेल भिजवा दिया।
उसके बाद से ही वह मुजाहिद से बदला लेना चाहता था। पुलिस के मुताबिक, मोहर्रम 1996 में कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का कारोबार करता था। वह फेरा के मामले में गिरफ्तार हुआ था। फिलहाल वह अपने घर पर मोबाइल रिचार्ज करने का दुकान करता है।