अदालत ने रियल एस्टेट से जुड़े धोखाधड़ी मामले की सुनवाई में पेश न होने पर क्रिकेटर गौतम गंभीर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। मामले की सुनवाई में गंभीर कई तारीखों से पेश नहीं हो रहे थे। गंभीर इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे। इस कंपनी और उसके निदेशक के खिलाफ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है।
साकेत जिला अदालत के सीएमएम मनीष खुराना ने गौतम गंभीर की पेशी सुनिश्चित करने के लिए दस हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। उन्हें 24 जनवरी 2019 को पेश होने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने पिछली तारीख पर उन्हें पेशी से छूट देने से इंकार कर दिया था, इसके बाद भी वह पेश नहीं हो रहे थे।
मामला रियल एस्टेट कंपनी रुद्रा बिल्डवेल रियलिटी प्राइवेट से जुड़ा है। इस कंपनी के निदेशक मुकेश खुराना और एचआर इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गौतम मेहता पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। उन पर एनसीआर में तमाम निवेशकों के पैसों का गबन करने का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि कंपनी ने गौतम गंभीर के नाम का फायदा उठाते हुए तमाम निवेशकों से करोड़ों रुपये लिये थे लेकिन कंपनी इन निवेशकों को घर देने में नाकाम रही थी। इंद्रापुरम में एक बिल्डिंग प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों से यह पैसा लिया गया था।