कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और सरकार में कई दौर की बातचीत होने के बाद भी कोई नतीजा न निकलने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आंदोलन को तेज करने का एलान करते हुए किसानों ने कहा कि वे बृहस्पतिवार को वार्ता में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार तीनों कानूनों को रद्द नहीं करती है तो एक-एक करके दिल्ली आने वाली हर सड़क को बंद कर दिया जाएगा।
इससे पहले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों को केंद्र सरकार ने बुधवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर लिखित आश्वासन, मंडियों से बाहर काम करने वाले व्यवसायियों का पंजीकरण, उन पर कर व उपकर लगाने का प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने नामंजूर कर दिया। बीते 14 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के साथ गतिरोध खत्म करने के मद्देनजर केंद्र सरकार ने 13 किसान संगठन को मसौदा प्रस्ताव भेजकर उनकी आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया। कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया, कृषि कानूनों को लेकर किसानों की जो भी आपत्तियां हैं, सरकार उन पर खुले दिल से विचार करने को तैयार है। सरकार ने पूरे सम्मान के साथ किसानों की चिंताओं का समाधान करने का प्रयास किया है। लिहाजा सरकार उनसे आंदोलन खत्म करने की अपील करती है।
प्रस्ताव पर किसान संगठनों ने चर्चा के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, हम सरकार का प्रस्ताव रद्द करते हैं। तीनों कानून निरस्त करने के लिए हम आंदोलन तेज करेंगे। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा, पूरे देश में रोज प्रदर्शन होगा। 14 तारीख को देशभर में प्रदर्शन किया जाएगा। भाजपा कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। 12 तारीख या उससे पहले दिल्ली-आगरा और दिल्ली-जयपुर हाईवे बंद किया जाएगा और अगर हमारी मांगें नहीं मानी जाती तो दिल्ली की सड़कों को बंद किया जाएगा। 12 तारीख को एक दिन के लिए सभी टोल प्लाजा फ्री किए जाएंगे। इसके साथ ही जियो और अडानी के उत्पादों का बहिष्कार किया जाएगा।
सरकार दोबारा प्रस्ताव भेजेगी तो विचार करेंगे
किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा, सरकार ने जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें कुछ भी नया नहीं था। प्रस्ताव में वहीं चीजें थी, जो कृषिमंत्री ने किसानों से कही थी। अगर सरकार दूसरा प्रस्ताव भेजती है तो उस पर विचार किया जाएगा।
राष्ट्रपति से मिले विपक्ष के नेता
एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पांच विपक्षी नेताओं ने बुधवार शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर कृषि कानून वापस लेने का अनुरोध किया। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल ने कहा, हमने राष्ट्रपति को कृषि कानूनों पर अपने रुख से अवगत कराया। हमें लगता है कि जिस तरह संसद में ये कानून पास किए गए, वे किसानों का अपमान है और इसलिए किसान ठंड में इनका विरोध कर रहे हैं। राहुल, पवार के अलावा प्रतिनिधिमंडल में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा और डीएमके नेता टीकेएस एलानगोवन शामिल थे।