सैटेलाइट पर वॉर रूम से नजर रखी जाएगी। देश के अंदर, खास तौर पर दिल्ली के पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उतर प्रदेश में कहां पर कितनी पराली या कूड़ा जलाया जा रहा है। सैटेलाइट के माध्यम से रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा।
10 लोगों की टीम की रहेगी नजर
वॉर रूम को संचालित करने के लिए 10 लोगों की टीम बनी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मोहन जॉर्ज और डॉक्टर बीएल चावला के नेतृत्व में टीम पर्यावरण मंत्री के ओएसडी अनिल गिल्डियाल, डीडीसी की एडवाइजर बीना गुप्ता, रिसर्च फेलो हितेश सैनी व स्वाति शर्मा, एनजीओ ए-पैग के निपुन मात्रेजा व आसिमा अरोड़ा, ट्रेनी इंजीनियर सूरज राय और अमन गुप्ता शामिल हैं। टीम प्रतिदिन रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली में कुल 40 रियल टाइम मॉनिटर लगे हुए हैं, जिसमें से 26 स्टेशन दिल्ली सरकार के हैं। उन्होंने स्क्रीम पर दिल्ली के अंदर वर्तमान में पीएम-10, पीएम-2.5, सल्फर ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, ओजोन और हवा की गति की स्थिति प्रदर्शित होती रहेगी।
पता चल सकेगा कि दिल्ली में प्रदूषित हवा किस दिशा से आ रही है और उसकी गति कितनी है? इस आधार पर पता कर सकते हैं कि निचले स्तर पर किस तरफ से प्रदूषण आकर उस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।