उत्तरी दिल्ली नगर निगम में गलत तरीके से सील की गई रिहायशी संपत्तियों को डी-सील करने का कार्य बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएगा। इस क्षेत्र में करीब 1356 रिहायशी संपत्तियों को डी-सील किया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है।
नेता सदन योगेश वर्मा ने बताया कि निगरानी समिति द्वारा रिहायशी संपत्तियों को गलत तरीके से सील किया गया था। इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गलत तरीके से सील की गई रिहायशी संपत्तियों को डी-सील करने का आदेश दिया था। यही वजह है कि हमने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली रिहायशी संपत्तियों को भी डी-सील करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि संपत्तियों को भी डी- सील करने की प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क रहेगी। संपत्ति को डी-सील करने के बाद संपत्ति स्वामी को 15 दिनों के भीतर संपत्ति के अंदर बने अवैध निर्माण को हटाने के भी निर्देश दिए जाएंगे। यदि इसके बाद भी संपत्ति स्वामी अवैध निर्माण को नहीं हटाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
वहीं, स्थायी समिति के अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी ने बताया कि डी-सीलिंग की प्रक्रिया बृहस्पतिवार से करोल बाग जोन से शुरू की जाएगी। इसके बाद सभी जोन में यह कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
इन जोन में डी-सील की जाएंगी संपत्तियां
केशवपुरम जोन- 374
सिटी एसपी जोन- 25
करोलबाग जोन- 448
नरेला जोन- 0
रोहिणी जोन- 360
सिविल लाइंस जोन-- 149
कुल- 1356