पुलिस की जांच में पता चला कि अरशद की साजिश के तहत आरोपियों भूरा उर्फ मुस्तकीन, नदीम उर्फ नड्डा, नौशाद और जाकी अनवर ने बंदूक की नोक पर लूट की योजना बनाई। विरोध करने पर भूरा और नौशाद ने गोली चला दी, जिसमें कमीशन एजेंट अतुल की मौत हो गई। आरोपी नकदी लेकर फरार हो गए। घायल को हेजवियर अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जांच के बाद अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं।
इस मामले में 4 आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर कोर्ट से सजायाफ्ता हो चुके थे। सिर्फ नौशाद फरार था। उस पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार नौशाद शादीशुदा है और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में पुराने कपड़े बेचकर जीविका चलाता था। डीसीपी ने कहा कि इस गिरफ्तारी से 15 साल पुराने मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे कोर्ट में अभियोजन और मजबूत होगा। मामले में आगे पूछताछ जारी है।