राजधानी में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की कमी के कारण लोगों पर रेबीज का खतरा मंडरा रहा है। हालात ऐसे हैं कि तीनों एमसीडी क्षेत्रों में रोजाना करीब 300 लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं, लेकिन मरीजों को वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।
बावजूद, वह इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। अधिकारियों का दावा है कि गंभीर मरीजों के लिए सीरम का इंतजाम है, परंतु जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है टेंडर जारी होने के बाद भी कोई आगे नहीं आया। नतीजतन, वैक्सीन के लिए कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है।
करीब डेढ़ महीने से एमसीडी के अस्पतालों में एआरवी खत्म है। मरीजों को दूसरे अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। सालाना हजारों की संख्या में लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। इसके बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हालांकि, दिल्ली के कुछ ही अस्पताल में इस कमी से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर खरीदारी की जा रही है।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि एक वर्ष में डॉग बाइट के करीब 9000 मामले सामने आ चुके हैं। इसी तरह तीनों निगमों में सालाना हजारों की संख्या में डॉग बाइट के मामले सामने आने के बावजूद एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।