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दिल्लीः अगले ही दिन पुलिस हिरासत में फिर एक युवक की मौत

Sat, 08 Jun 2019 06:04 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गोविंदा की फाइल फोटो। - फोटो : Ashram
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नंदनगरी में शराब की तस्करी में गिरफ्तार एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मृतक की पहचान गोविंदा (25) के रूप में हुई है। परिवार वालों ने पुलिस पर उसकी पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की अचानक तबीयत खराब हो गई थी।

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उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज करने में देरी व अन्य प्रक्रियाओं में लापरवाही करने के आरोप में हवलदार अभिषेक, सिपाही उधम और विशाल को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई है। पुलिस ने शुक्रवार को युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

जानकारी के मुताबिक, गोविंदा परिवार के साथ लेप्रोसी कॉलोनी, सुंदर नगर में रहता था। परिवार में पिता रामगुलाम यादव, भाई गोपाल और गौतम हैं। गोविंदा पिता के साथ बेलदारी करता था। पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग ऑटो में शराब लेकर नंदनगरी पहुंचने वाले हैं। पुलिस ने ऑटो को रोक लिया, जिसमें गोविंदा और नईम बैठे थे। ऑटो से 17 कार्टन शराब बरामद हुई। पुलिस ने दोनों
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आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही थी। रात करीब नौ बजे गोविंदा ने पेट में दर्द की शिकायत की। पुलिस उसे जीटीबी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तड़के चार बजे परिवार वालों को गोविंदा की मौत की सूचना दी गई। भाई गोपाल ने बताया कि उसका भाई सुबह छह बजे घर से काम पर जाने की बात कहकर गया था। दोपहर में थाने से फोन आया कि उसे शराब तस्करी में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके बाद उसकी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने गोविंदा के साथ मारपीट से इंकार किया है। उनका कहना है कि उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा होगा।

तबीयत खराब हुई थी तो बताया क्यों नहीं

गोविंदा की मुंहबोली बहन रेशमा ने पुलिस के इस दावे को नकार दिया कि तबियत खराब होने के बाद रात नौ बजे पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई थी। उसने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह उसे जैसे ही गोविंदा को थाने ले जाने की सूचना मिली, वह परिजनों को लेकर थाने पहुंच गई, लेकिन पुलिस ने उन्हें गोविंदा से मिलने नहीं दिया। इसके बाद दोपहर 12 बजे गोविंदा का भाई गोपाल खाना लेकर गया था। पुलिसकर्मियों ने खाना ले लिया, लेकिन उससे मिलने नहीं दिया। शाम साढ़े चार बजे व रात नौ बजे और फिर रात 12 बजे परिजन उससे मिलने थाने गए थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि जब उसकी तबियत खराब थी तो पुलिस ने उन्हें क्यों नहीं बताया। शुक्रवार तड़के मीडिया से उन लोगों को गोविंदा की मौत की सूचना मिली।

रुपये लेने के बाद भी गोविंदा को नहीं छोड़ा
परिजनों ने गोविंदा को छोड़ने की एवज में पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने का संगीन आरोप लगाया। रेशमा का आरोप है कि शाम को उसे पता चला कि पुलिस ने गोविंदा और नईम के साथ पकड़े गए दो आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ दिया है। उसने जब पुलिस कर्मियों से गोविंदा को छोड़ने के लिए कहा तो उधम नाम के सिपाही ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की। रुपये नहीं होने की बात कहने पर उसने 18 हजार रुपये देने के लिए कहा। फिर बात 10 हजार पर तय हो गई। रेशमा का आरोप है कि उधम ने दस हजार रुपये लेने के बाद भी गोविंदा को नहीं छोड़ा।

भाइयों के गायब होने की पीसीआर कॉल की थी
रेशमा के मुताबिक, रुपये लेने के बावजूद रात 12 बजे तक गोविंदा को छोड़ा नहीं गया था। पुलिस का कहना था कि मेडिकल करवाने के बाद उसे घर भेज देगी। भाई गोपाल को पुलिस ने साथ ले जाने की बात कहकर रेशमा को घर भेज दिया था, लेकिन रेशमा जीटीबी अस्पताल पहुंच गई। वहां उसे दोनों भाई नहीं मिले। फिर वह वापस थाने आ गई। वहां भी अपने दोनों भाइयों को नहीं पाकर उसने 100 नंबर पर फोन कर भाइयों के गायब होने की शिकायत की। शिकायत पर उसके पास पहुंचे पीसीआर कर्मियों ने रेशमा से सारी जानकारी ली। उसके बाद रेशमा घर आ गई।

 
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यू-ट्यूब पर ‘जार्स टीम’ नाम से चैनल

परिवार वालों ने बताया कि गोविंदा को एक्टिंग का शौक था। उसने कई दोस्तों के साथ यू-ट्यूब पर ‘जार्स टीम’ नाम से चैनल बना रखा है, जिसमें कॉमेेडी, सामाजिक समस्याएं और भ्रष्टाचार को लेकर वीडियो तैयार किए जाते हैं। गोविंदा ही टीम को लीड करता था। उसके अन्य सहयोगी वीडियो को शूट व एडिट करते थे। उसके चैनल के डेढ़ हजार सब्सक्राइबर्स हैं। परिवार वालों के मुताबिक, गोविंदा जागरण में भी काम करता था। गोविंदा को हीरो बनने का शौक था। परिवार वालों की मानें तो उसपर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। पुलिस ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी है।

पुलिस ने अवैध शराब के साथ गोविंदा और उसके दोस्त नईम को गिरफ्तार किया था, जबकि उसके दो सहयोगी भाग गए थे। रात करीब नौ बजे गोविंदा की तबियत खराब हुई, जिसकी सूचना उसके परिवार वालों को दी गई। पुलिस परिजनों के आरोपों की जांच करेगी। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कागजी कार्रवाई पूरी नहीं करने के चलते हवलदार अभिषेक, सिपाही उधम और विशाल को निलंबित कर दिया गया है और मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
-आरपी मीणा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, उत्तर-पूर्वी जिला
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