दिल्ली में लोकसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के समरी रिवीजन का काम अंतिम चरण में है।
राज्य चुनाव आयोग की मानें तो 31 जनवरी को दिल्ली की फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। दिल्ली चुनाव के बाद राजधानी में करीब ढाई लाख मतदाता बढ़ने की उम्मीद है। दिल्ली चुनाव के समय 1.19 करोड़ मतदाता थे।
चुनाव अधिकारी के मुताबिक, 16 दिसंबर 2013 से समरी रिवीजन का काम चल रहा है। 31 दिसंबर तक आवेदन लेने और उसकी जांच के बाद 21 जनवरी को मतदाता सूची जारी होनी थी, लेकिन देरी के कारण अब नई तारीख 31 जनवरी तय की गई है। मतदाता सूची जारी करने के बाद दोबारा से मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
आयोग के मुताबिक, इस दौरान 3 लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। इसमें 50 हजार आवेदन ऐसे मतदाताओं के हैं, जिन्होंने एक जनवरी 2014 को 18 साल पूरा कर लिया है। हालांकि चुनाव आयोग को उम्मीद थी कि यह संख्या एक लाख के करीब होगी।
अधिकारियों की मानें तो फिलहाल आए हुए आवेदनों की जांच प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इसके साथ ही चुनाव आयोग उन लोगों की सूचनाएं जुटा रहा है, जिनके पास पहचान पत्र तो हैं, लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली चुनाव के दौरान ऐसी बहुत शिकायतें आई थीं कि लोगों के पास मतदाता पहचान पत्र तो हैं, लेकिन सूची में नाम नहीं था।