लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रहे परिणामों के अब पार्टी की यूथ विंग सिर्फ वोटर कार्ड वाले युवाओं को ही सदस्यता देगी। हालांकि पार्टी चुनाव से पहले ही इस पर विचार कर रही थी, लेकिन अब पार्टी इसे सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस पार्टी अपनी नीतियों और कार्यशैली में बदलाव कर संगठन के ढांचे को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी कर रही है। युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए कांग्रेस सदस्यता शुल्क घटाकर 15 से 5 रुपये करने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। पार्टी ने अब सदस्य बनने के लिए वोटर कार्ड को भी जरूरी कर दिया है।
दरअसल, पार्टी हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा संगठन खड़ा करना चाहती है, जो उसका वोटर भी हो। चुनाव के समय में परिणाम को पार्टी के पक्ष में करने में सक्षम हो।
पार्टी के जिला प्रवक्ता नसीम खान का कहना है कि अगर वोटर कार्ड न होने के बावजूद नेता उन्हें सदस्यता दिलाना चाहते हैं तो उन नेताओं को खुद उनके वोटर आई कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
पूर्व में ऐसे लोगों ने भी पार्टी की सदस्यता ले ली थी, जो स्थानीय लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र के वोटर ही नहीं है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस बड़े बदलाव से पार्टी निचले स्तर पर भी मजबूत होगी।