समन्वय समिति से जुड़े योगेंद्र यादव ने बताया कि कृषि की बर्बादी बदस्तूर जारी है। खरीफ की मौजूदा फसल में किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। पहले सूखे ने और बाद में बारिश ने फसलों को तबाह किया है। देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पूरी तरह बर्बादी हो रही है। दो दिन तक खेती-किसानी से जुड़ बहुत सारे मसलों पर संजीदा चर्चा हुई। इसके आधार पर साझा संकल्प तैयार किया गया है।
योगेंद्र यादव के मुताबिक, 25 राज्यों के 250 किसानों ने आठ जनवरी को राष्ट्रीय ग्रामीण बंद करने का आह्वान किया है। इस दिन पूरा ग्रामीण भारत बंद रहेगा। एआईकेएससीसी की जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर की इकाइयां अपनी-अपनी योजना के अनुसार इसे आगे बढ़ाएंगी। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से सिर्फ इतनी भर सलाह है कि अहिंसात्मक प्रदर्शन व्यक्तियों व दलों के खिलाफ नहीं, सरकारों के खिलाफ होगा।
जागरूकता अभियान चलेगा
दूसरी तरफ वीएम सिंह का कहना है कि इससे पहले 15-31 दिसंबर तक सभी संगठन अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र वाले इलाके में किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाएंगे। इस दौरान सम्मेलन में उठाए गए मसलों की जानकारी किसानों को दी जाएगी। इसके बाद एक जनवरी से पांच जनवरी के बीच किसान राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखेंगे। आखिर में आठ जनवरी को ग्रामीण भारत बंद रहेगा। किसान अपने गांव में रहेगा। वह किसी भी तरह का कोई काम नहीं करेगा।