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वीके सिंह ने रिपोर्टर के खिलाफ थाने में दी तहरीर

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केंद्रीय मंत्री व सांसद वीके सिंह के बयान के बाद से मचे बवाल के बाद अब वीके सिंह के प्रतिनिधि नरेंद्र शिशौदिया (पूर्व विधायक) ने कविनगर थाने में चैनल के रिपोर्टर के खिलाफ तहरीर दी है।
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आरोप है कि रिपोर्टर ने सांसद के बयान को तोड़ मरोड़ कर एक जाति विशेष से जोड़कर चैनल पर प्रसारित किया। इससे उनकी छवि को नुकसान हुआ है।

कविनगर पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया है। सांसद प्रतिनिधि का आरोप यह भी है कि मीडियाकर्मी ने सांसद से जबरदस्ती प्रश्न पूछे।

सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह शिशौदिया ने तहरीर में लिखा कि सांसद वीके सिंह अपने लोक सभा क्षेत्र के हिसाली में पावन चिंतन धारा आश्रम में मुख्य अतिथि के रूप में 21 अक्तूबर को शामिल हुए थे।

जबरदस्ती प्रश्न पूछने लगा था रिपोर्टर

कार्यक्रम में न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने उन्हें बाइट देने के लिए कहा। वीके सिंह ने कार्यक्रम के बाद बाइट देने को कहा। इसके बाद भी रिपोर्टर कैमरा व माइक लगाकर बैठ गया और जबरदस्ती प्रश्न पूछने लगा।

बार-बार मना करने के बाद भी रिपोर्टर उन पर सवालों के लिए दबाव बनाने लगा। बाद में सांसद को धमकी दी कि अगर आपने उत्तर नहीं दिया तो हम पत्रकार हैं, कुछ भी कर सकते हैं।

सांसद ने उक्त पत्रकार द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब दिए। आरोप है कि अलग-अलग उत्तरों को साजिश के तहत एक साथ जोड़कर और तोड़ मरोड़कर ऐसा दर्शाया जैसे कि एक जाति विशेष के लिए कहा गया हो।

जबकि सांसद ने ऐसा कुछ नहीं कहा था। इससे उस जाति के लोगों के स्वाभिमान को क्षति पहुंची है और सांसद की छवि को नुकसान पहुंचा है।

'सांसद ने जो बोला, वही दिखाया'

एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच की जा रही है। अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। मामला मानहानि का है इसलिए इसे सिविल कोर्ट में भेजा जाएगा।

रिपोर्टर का कहना है कि प्रोग्राम में उन्हें आमंत्रित किया गया था। वहां पर सांसद भी पहुंचे थे। शालीनता से उनसे प्रश्न पूछे गए, जिनका उन्होंने जवाब दिया।

जो सांसद ने बोला उसे ही न्यूज चैनल पर दिखाया गया है, बयानों को तोड़ा मरोड़ा नहीं गया है। सांसद प्रतिनिधि द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।

दलित अधिवक्ता ने वीके सिंह के खिलाफ दायर की शिकायत

केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री व पूर्व जनरल वीके सिंह द्वारा दलित विरोधी टिप्पणी मामला अदालत में पहुंच गया है। वीके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिये कोर्ट में अर्जी दायर की गई है। इस अर्जी पर बृहस्पतिवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई होगी।

यह शिकायत दायर करने वाले वकील ने सिंह पर दलित समुदाय की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव में दलित परिवार का घर पेट्रोल डालकर फूंकने की घटना और उसके बाद दो मासूमों की मौत के मामले में मोदी सरकार में मंत्री वीके सिंह के बयान से हंगामा हो गया था।

वीके सिंह ने अपने इस कथित बयान में कहा था कि अगर कोई शख्स कुत्ते का पत्थर मार दे तो क्या इसकी जिम्मेदारी सरकार पर है, ऐसा नहीं है।
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'वीके सिंह के बयान ने खराब किया पूरे देश का माहौल'

अधिवक्ता सत्यप्रकाश गौतम ने अर्जी दायर कर पूर्व जनरल वीके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अधिवक्ता का कहना है कि वीके सिंह ने पूरे दलित समुदाय की तुलना कुत्ते से की है।

वीके सिंह के इस बयान ने पूरे देश का माहौल खराब किया है और दलित समुदाय को अपमानित किया है। दलित समुदाय के खिलाफ ऐसा अमर्यादित बयान देने पर वीके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुकदमा चलाया जाए।

पेश मामले की शिकायत अधिवक्ता गौतम ने 23 अक्तूबर को थाना जाफराबाद में देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह शिकायत डीसपी व पुलिस आयुक्त को भी दी गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कोर्ट की शरण ली है।
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