जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रोफेसर मो. जाहिद अशरफ को उनके अग्रणी शोध ‘रिजॉल्विंग द मिस्ट्री ऑफ ब्लड क्लॉटिंग ऑन एक्सपोजर टू हाइपोक्सीया एट हाइ एलटिट्यूड्स’ के लिए विजिटर्स अवार्ड 2020 मिलेगा। जामिया के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अशरफ को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर्स और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में यह प्रतिष्ठित अवार्ड देकर सम्मानित करेंगे।
कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने प्रो. अशरफ को इस सर्वोच्च सम्मान के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जामिया समुदाय के लिए यह बेहद गर्व का मौका है। प्रो. अशरफ को जैविक विज्ञान श्रेणी के तहत यह पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने हाइ एलटिट्यूड्स पर अत्यंत चुनौतीपूर्ण पर्यावरणीय परिस्थितियों में थ्रॉमबोसिस के शीघ्र निदान और उपचार के लिए रणनीति विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुलपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय द्वारा अनुसंधान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है और प्रो. अशरफ की यह उपलब्धि अन्य संकाय सदस्यों को शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान में उत्कृष्टता की खोज के लिए प्रेरित करेंगी।
विश्वविद्यालय विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान को बढ़ाने और एसटीईएम को बढ़ावा देने के भारत सरकार के मिशन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रो. अशरफ राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, इलाहाबाद और भारतीय विज्ञान अकादमी, बैंगलोर के निर्वाचित फेलो हैं। वे प्रतिष्ठित गुहा अनुसंधान परिषद के सदस्य हैं।
प्रो. अशरफ, हाइ आल्टिट्यूड रिलेटेड थ्रॉमबोसिस इन द इंडियन पॉप्युलेशन पर अपने मौलिक कार्य के लिए आईसीएमआर के बसंती देवी अमीर चंद और डीबीटी के राष्ट्रीय जैव विज्ञान पुरस्कार के प्राप्तकर्ता भी हैं। उनके शोध के परिणाम ने पहाड़ों, खेल, तीर्थयात्रा और शत्रुतापूर्ण वातावरण में सैनिकों के काम करने पर रक्त के थक्के बनने की हमारी समझ को अंतर्दृष्टि प्रदान की है। जामिया के किसी प्रोफेसर को दूसरी बार विजिटर्स अवार्ड के लिए चुना गया है। इससे पहले 2015 में, सेंटर फॉर थ्योरीटिकल फिजिक्स, जेएमआई के प्रो. एम. सामी की अध्यक्षता में कॉस्मोलॉजी एंड एस्ट्रोफिजिक्स रिसर्च ग्रुप को एस्ट्रोफिजिक्स एंड कॉस्मोलॉजी में कंटेम्परेरी इश्यूज के क्षेत्र में किए गए पथ-प्रदर्शक शोध के लिए विजिटर अवार्ड भी मिला था।