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संसद विरोध मार्च को संसद घेराव बताना सोचा-समझा झूठ - संयुक्त किसान मोर्चा

Tue, 20 Jul 2021 02:38 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • मोर्चा ने कहा- किसानों के मार्च के खिलाफ फैलाया जा रहा है झूठ
  • सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टरों की भी किसानों ने निंदा की
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किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को कहा कि दिल्ली पुलिस किसानों के संसद विरोध मार्च को गलत तरीके से प्रचारित कर रही है। पुलिस को योजना के बारे में सभी जानकारी देने के बावजूद भी वह इसको संसद घेराव करार दे रही है। जबकि, किसानों की संसद की घेराबंदी करने की कोई योजना नहीं है। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए किसान 22 जुलाई को मार्च को निकाल रहे हैं। यह पूरी तरीके से शांतिपूर्ण और अनुशासित होगा।

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मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों की ओर से लगाए जा रहे नारे पर प्रधानमंत्री के जवाब में लगाए गए आरोपों को संयुक्त किसान मोर्चा ने निरर्थक प्रयास करार दिया है। मोर्चा का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में उन मुद्दों को उठाया जिन्हें किसान आंदोलन कई महीनों से उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों के नारों के जवाब में आरोप लगाया कि विपक्षी दल, दलितों, आदिवासियों और अन्य वंचित समुदायों और किसानों के बच्चों को मंत्रियों के पद पर पदोन्नत करने का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि मोर्चा  प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहता है कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, किसानों और ग्रामीण भारत के अन्य लोगों सहित देश के हाशिए पर रहने वाले समुदायों को सच्चा सम्मान तभी मिलेगा जब उनके हितों की वास्तव में रक्षा की जाएगी। इसके लिए सरकार को तीन किसान विरोधी कानूनों और चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को रद्द करने और ईंधन की कीमतों को कम से कम आधा करने के अलावा सभी किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांगो पर संयुक्त किसान मोर्चा ने नोट किया कि
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट झूठे
मोर्चा ने कहा कि संसद की घेराबंदी की मांग करने वाले कुछ पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरस हो रहे हैं। इनका किसानों से कोई संबंध नहीं है। इन पोस्टरों की संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से निंदा की जाती है। इसके अलावा किसानों के नाम से जो कॉल आ रही है उनका किसान संगठनों से कोई लेना देना नहीं है। किसानो का यह आंदोलन जीवन और मृत्यु का संघर्ष है और इसे पटरी से उतारने की किसी भी कोशिश की निंदा की जाती है।

किसानों के संसद मार्च से पहले मेट्रो स्टेशनों पर मुस्तैदी
मानसून सत्र में किसानों की ओर से प्रस्तावित संसद मार्च के एलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र के सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा इंतजामों को और बढ़ा दिया। सोमवार से संसद का मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही सभी मेट्रो स्टेशनों पर निगरानी गई तो आसपास भीड़ न हो इसपर पुलिस की नजरें टिकी हुई थीं।

किसानों के संसद मार्च को देखते हुए रविवार को मेट्रो पुलिस ने नई दिल्ली के सात मेट्रो स्टेशनों को किसी भी वक्त बंद करने के लिए मेट्रो प्रशासन को सूचित कर दिया था। इसके तहत मंडी हाउस, पटेल चौक, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, लोक कल्याण मार्ग, उद्योग भवन, राजीव चौक सहित सात मेट्रो स्टेशनों के लिए अलर्ट जारी किया था। सोमवार शाम भीड़ होने पर पटेल चौक मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया था। हालात सामान्य होने पर मेट्रो स्टेशन के गेट खोल दिए गए।

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