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Visa Scam: कार्ति चिदंबरम-रमन और मखरिया की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर 3 जून के लिए आदेश सुरक्षित

Mon, 30 May 2022 06:59 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरोप है कि 2011 में जब कार्ति के पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे तब पंजाब में काम कर रही एक चीनी कंपनी के लोगों को कथित तौर पर अवैध तरीके से वीजा (Visa) दिलवाया गया था। मामले में कार्ति के करीबी भास्कर रमन के जरिए रिश्वत की रकम की हेराफेरी की गई। चीनी कंपनी के लोगों ने रमन के जरिए ही कार्ति से संपर्क साधा था। मामले में सीबीआई ने रमन को गिरफ्तार कर लिया।
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P Chidambaram Karti Chidambaram - फोटो : ANI
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विस्तार
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अदालत ने चीनी वीजा रिश्वत मामले में कार्ति चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जाच आरंभिक चरण में होने का तर्क देकर जमानत पर आपत्ति जताई। राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने अपना फैसला 3 जून को सुनाने का निर्णय लिया है। अदालत ने कहा कि तब तक याची कार्ति की गिरफ्तारी पर लगी रोक जारी रहेगी।

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कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की अंतरिम जमानत का प्रवर्तन निदेशालय ने विरोध किया है। ईडी ने कहा कि अगर कार्ति को अंतरिम जमानत दी जाती है तो एजेंसी यह पता नहीं लगा पाएगी की पैसा कहां गया। ईडी ने यह भी कहा कि कार्ति की याचिका अभी सुनवाई योग्य नहीं है। अगर अंतरिम जमानत दी जाती है तो जांच प्रभावित होगी। ईडी ने कहा हमने केवल एक जांच शुरू की है। उन्होंने कहा कि धारा-19 के तहत किसी भी गिरफ्तारी से पहले एक निष्कर्ष निकालना होगा। जब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकलता, हम गिरफ्तारी नहीं करेंगे। 

ईडी ने हाल ही में इस से संबंधित सीबीआई मामले के बाद उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई हालिया पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) का संज्ञान लेते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम की आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी ने उन पर 263 चीनी नागरिकों के वीजा की सुविधा के लिए अपने सहयोगी के माध्यम से पंजाब की एक फर्म से 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
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बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि ईडी हर मामले में ऐसा कर रही है, जिस क्षण प्राथमिकी दर्ज की जाती है, वे बिना जांच के ईसीआईआर दर्ज करते हैं कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग है। ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) कैसे दर्ज की गई है? उनके पास कुछ होना चाहिए। मनी लॉन्ड्रिंग के कुछ सबूत होने चाहिए। हालांकि केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर उनके पिता हैं.

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