हालांकि ये जो भी बातें अनिल के माता-पिता कह रहे हैं उससे इस बच्चे या परिवार का दुख कम नहीं होता। अनिल के पड़ोसियों और सहकर्मियों का कहना है कि अनिल, महिला और उसके तीन बच्चे(जिनमें से एक तस्वीर में दिखाई दे रहा है) परिवार की तरह पिछले तीन साल से एक साथ रह रहे थे। पड़ोसियों का ये भी कहना है कि भले ही वह उनका बेटा न रहा हो लेकिन वह बेटे जैसा ही था।
एक सफाईकर्मी वीरेंद्र जो अनिल का दोस्त है ने बताया कि अनिल ने उसे बताया था कि रानी को वह अपनी बीवी मानता है और उसके बच्चों को अपना बच्चा। बता दें कि एनजीओ उदय फाउंडेशन और क्राउडफंडिंग पोर्टल केट्टो ने एक अकाउंट बनाया था और बृहस्पतिवार तक 2594 लोग इस पर दान कर चुके थे।