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VIP सीट के VIP कैंडिडेट लेकिन समस्या जस की तस

Mon, 24 Mar 2014 03:55 PM IST
राकेश्ा भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र यानी वीवीआईपी सीट। यह ऐसी सीट है जिसने प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कई नेता दिए हैं। इतना ही नहीं देश की पहली महिला मुख्यमंत्री इसी सीट से जीत कर बनी थीं।
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यह सीट वीवीआईपी सिर्फ इसलिए नहीं है कि यहां से देश को दिशा देने वाले नेता निकलते हैं। इस सीट के मतदाता भी किसी वीआईपी से कम नहीं हैं। वे लहर में बह कर नहीं अपने विवेक से मतदान करते हैं।

वाजपेयी से लेकर माकन तक रहे हैं सांसद

राष्ट्रीय मुद्दे इस सीट के मतदाताओं के दिलोदिमाग पर छाए रहते हैं। बिजली-पानी जैसे स्थानीय मुद्दों से ऊपर उठ कर यहां के मतदाता हमेशा वोट डालते हैं।

यही कारण है कि इस सीट के मतदाताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी के साथ-साथ जगमोहन, केसी पंत, अजय माकन जैसे तेजतर्रार नेताओं को चुन कर लोकसभा भेजा है। पर क्या देश की राजनीति की दशा व दिशा तय करने वाले ये नेता जीतने के बाद अपने मतदाताओं से रूबरू होते हैं।

क्या वे कभी ये जानने की कोशिश करते हैं कि जिन्होंने उन्हें चुन कर भेजा है उनकी क्या समस्याएं हैं। लोगों की राय जानने के बाद यह बात सामने आई है कि चुने जाने के बाद ये नेता कभी इस क्षेत्र का रुख तक नहीं करते।

इस इलाके भी सड़के तक टूटी हुई हैं

मोती नगर में रहने वाले फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड के वाइस चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा कहते हैं कि यहां का हाई प्रोफाइल सांसद क्षेत्र की जनता से दूर रहता है।

मौजूदा सांसद अजय माकन को ही लीजिए। वे अपने इलाके में कभी नहीं दिखे, लेकिन राहुल गांधी या सोनिया गांधी आवास पर भीड़ को नियंत्रित करते देखे जा सकते हैं।

नारायणा रोड पर सड़कें टूटी हैं। इंडस्ट्रियल क्षेत्र में तमाम समस्याएं हैं। लेकिन उनको इससे कोई लेना-देना नहीं। नेताओं की बेरुखी ही रही कि विधानसभा चुनाव में आप ने बाजी मारी। उसे दस में से सात सीटें मिलीं।
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माकन, लेखी और खेतान हैं इस बार उम्मीदवार

इसी तरह ऑटो चलाने वाले बलजीत नगर निवासी संजय ने नारायणा, इंद्रपुरी, राजेंद्र नगर, कीर्ति नगर इंडस्ट्रियल एरिया, जखीरा, कठपुतली कॉलोनी व आरके पुरम की समस्याएं गिनाईं।

उन्होंने कहा, इन क्षेत्रों में कई झुग्गी बस्तियां हैं, जहां पानी व शौचालय की दिक्कत है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुध नहीं लेता। हां, इस इलाके के किसी वीआईपी को छींक भी आ जाए तो सारा सिस्टम हिल जाता है।

सरोजनी नगर की एक महिला मतदाता चैतन्य लता का कहना है कि पानी व बिजली से ज्यादा समस्या यहां जलभराव की रहती है। सीवर लाइन पुरानी होने के चलते बारिश के दिनों में काफी परेशानी होती है।
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