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...जब हिंसा के बाद वाहनों को सड़कों पर छोड़कर भागे लोग, वापस आए तो गायब मिले

Mon, 16 Dec 2019 10:03 AM IST
शाहरुख खान पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बस कार जलीं - फोटो : अमर उजाला
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जामिया नगर की भीड़ के हिंसक होने पर आसपास इलाके में डर का माहौल पैदा हो गया। लोग अपने रिश्तेदारों व परिजनों को फोन कर उनका हाल-चाल पूछा। रविवार को हुई हिंसा देखकर लोग अपने वाहनों को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए थे। 
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डर के कारण देर रात तक उन्हें लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा। हिंसक हुई भीड़ के कारण जामिया नगर, जाकिर नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जैतपुर, बदरपुर, सरिता विहार, निजामुद्दीन, भोगल, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर, सनलाइट कॉलोनी, कालकाजी, गोविंदपुरी, ओखला समेत दक्षिण दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में डर का माहौल पैदा हो गया था। 

डर इस कदर फैल गया था कि लोग अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए थे। लोग एक-दूसरे से हिंसा वाली जगहों के बारे में पूछ रहे थे। काफी लोग जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम देखने गई थे। 
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उनके परिजन उन्हें कार्यक्रम को छोड़कर जल्द घर पहुंचने के लिए कह रहे थे। करोल बाग में रहने वाले मदन खत्री का बेटा ध्रुव जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम देखने गया था। हिंसा की बात सुनते ही उन्होंने अपने बेटे को तुरंत बुला लिया।
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मल्कागंज में रहने वाला जयकिशन (32) अपनी छह वर्षीय बेटी व अपनी 50 वर्षीय मां के साथ कालकाजी मंदिर दर्शन करने जा रहा था। तभी आश्रम चौक के पास काफी संख्या में युवक मौके पर पहुंचे और बसों व वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। 

जयकिशन ने बाइक मौके पर छोड़कर अपने परिजनों और अपनी जान बचाई। काफी देर बाद वह मौके पर अपनी बाइक लेने आया तो उसकी बाइक गायब थी। 
इस तरह काफी संख्या में लोग अपने वाहनों को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। देर रात तक मथुरा रोड, आश्रम चौक, सनलाइट कॉलोनी के सामने रिंग रोड़, ओखला अंडरपास, सरिता विहार, बदरपुर आदि जगहों पर आदि जगहों पर वाहन सड़कों पर इधर-उधर खड़े हुए थे। 
 
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