जामिया नगर की भीड़ के हिंसक होने पर आसपास इलाके में डर का माहौल पैदा हो गया। लोग अपने रिश्तेदारों व परिजनों को फोन कर उनका हाल-चाल पूछा। रविवार को हुई हिंसा देखकर लोग अपने वाहनों को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए थे।
डर के कारण देर रात तक उन्हें लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा। हिंसक हुई भीड़ के कारण जामिया नगर, जाकिर नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जैतपुर, बदरपुर, सरिता विहार, निजामुद्दीन, भोगल, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर, सनलाइट कॉलोनी, कालकाजी, गोविंदपुरी, ओखला समेत दक्षिण दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में डर का माहौल पैदा हो गया था।
डर इस कदर फैल गया था कि लोग अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए थे। लोग एक-दूसरे से हिंसा वाली जगहों के बारे में पूछ रहे थे। काफी लोग जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम देखने गई थे।
उनके परिजन उन्हें कार्यक्रम को छोड़कर जल्द घर पहुंचने के लिए कह रहे थे। करोल बाग में रहने वाले मदन खत्री का बेटा ध्रुव जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम देखने गया था। हिंसा की बात सुनते ही उन्होंने अपने बेटे को तुरंत बुला लिया।