राजधानी में कुल संक्रमितों में से 60 फीसदी होम आइसोलेशन में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी मरीजों को आइसोलेशन के नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत है। नियमों का पालन न होने से कुछ इलाकों में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर पीके सिंघल बताते हैं कि होम क्वारंटीन में जो मरीज है। उसे 14 दिनों तक सभी नजदीकी से संपर्क बंद कर देना चाहिए। ऐसा तब तक करें जब तक रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए।
उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे वहां लगातार संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। डॉक्टर सिंघल के अनुसार होम क्वारंटाइन के जो मरीज है।
उन्हें घर के बुजुर्गों, गर्भवतियों और बच्चों से दूर रहना चाहिए। साथ ही सर्जिकल मास्क लगाकर रखना चाहिए। जिसे हर 6-8 घंटे में बदला जाए। इसके अलावा अगर कोई मरीज के संपर्क में आ रहा है तो उसे कम से कम 6 फीट की दूरी रखनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया था कि कोरोना संक्रमित जिन मरीजों में हल्के लक्षण हैं। उन्हें घर पर ही होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। यह आदेश एलजी के साथ हुई बैठक के बाद आया था।
आदेश में यह भी कहा गया था कि संक्रमित हल्के लक्षण वाले मरीजों को यदि पहले से मधुमेह,हाइपरटेंशन या अन्य कोई बीमारी है तो उसे होम आइसोलेशन में नहीं भेजा जाएगा। उन्हें कोविड केयर सेंटर या अस्पताल में भर्ती कराना होगा।