लॉकडाउन के वक्त चोरों ने कर्नल के बंद पड़े घर का ताला तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण पर हाथ साफ कर लिया। पीड़ित परिवार ने 1 जून को इस मामले में बिंदापुर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। घटना में शामिल चोरों ने भी लॉकडाउन में सर्राफ की दुकान खुली न होने पर बैंक में आभूषण रखकर उसपर लाखों रुपये का लोन ले लिया।
लोन की रकम हासिल करने के बाद उन रुपयों से चोरों ने जमकर मौजमस्ती की। इसी दौरान पूरे प्रकरण की जांच कर रही पुलिस को चोरों के बारे में जानकार मिली। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार लोगों को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने पूरी वारदात के बार में पुलिस को बताया। पुलिस ने आरोपियों के पास से बचे हुए कुछ सोने के आभूषण और लोन की रकम बरामद की है।
द्वारका जिले के डीसीपी अंटो अल्फोंस, बिंदापुर के सेवक पार्क स्थित एक फ्लैट में भारतीय सेना के कर्नल अपने पूरे परिवार संग रहते हैं। उनका परिवार फरवरी महीने में हैदराबाद एक रिश्तेदार के घर फ्लैट में ताला बंद करके गया हुआ था। इसी दौरान पूरे देश में कोरोना वायरस के चलते 25 मार्च से लॉकडाउन लागू हो गया, जिसकी वजह से कर्नल का परिवार हैदराबाद में फंस गया था।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद 1 जून को जब कर्नल का परिवार वापस आया तो फ्लैट में पूरा सामान बिखरा पड़ा था। जबकि अलमारी में रखे लाखों रुपये के सोने के आभूषण गायब थे। यह देखकर पीड़ित परिवार ने बिंदापुर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद फ्लैट के आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, लेकिन चोरों को कुछ सुराग नहीं लग पाया था।
बैंक में खाता खुलवाने के बाद लिया लोन
चोरी के मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को गुप्त सूचना के आधार पर घटना में शामिल सोनू की जानकारी मिली, जिसे पुलिस ने द्वारका इलाके से पकड़ लिया। पूछताछ पर उसने अपने साथी तरुण, सनी और एक 16 वर्षीय नाबालिग साथी की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी सोनू की निशानदेही पर उसके तीनों साथियों को भी पकड़ लिया।
पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बताया कि चोरी के आभूषण बेचने के लिए उन्हें कोई सर्राफा की दुकान नहीं मिल रही थी। जिसके बाद आरोपियों ने एक बैंक में अपना खाता खुलवाया था। खाता खुलने के बाद बैंक से संपर्क कर कुछ आभूषणों को रखकर उस पर लोन ले लिया था।