वॉयस ऑफ स्लम और डोनेटकार्ट (Donatekart) की टीम लॉकडाउन में कर रही लोगों की मदद
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करोना के इस संक्रमण काल में हमारे देश भर में 80 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और यह संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। इस भयानक परिस्थिति में जो दिहाड़ी मजदूर और झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोग हैं वह सबसे ज्यादा परेशान हैं।
इस कठिन दौर में भी कुछ ऐसे हाथ हैं जो लॉकडाउन के शुरुआत से ही इन मजबूर और परेशान लोगों की मदद को आगे आ रहे हैं। ऐसे ही कुछ लोगों में वॉयस ऑफ स्लम और डोनेटकार्ट (Donatekart) की टीम भी शामिल है, जो लॉकडाउन के दूसरे दिन से दिहाड़ी मजदूरों और झुग्गियों में रहने वालों को खाना खिला रही है।
इस टीम का कहना है कि वह लोग अब तक पांच लाख से ज्यादा लोगों को खाना खिला चुके हैं। सिर्फ यही नहीं ये लोग 2000 से ज्यादा परिवारों को राशन पहुंचा चुके हैं। ये यह काम पुलिस प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रशासन की अनुमति लेकर कर रहे हैं।
वॉयस ऑफ स्लम के संस्थापक देव प्रताप सिंह का कहना है कि हम सावधानी बरतते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर यह कार्य कर रहे हैं। हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि खाना बांटते वक्त हमारी टीम मेंबर मास्क , ग्लब्स, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करे।
उन्होंने आगे कहा कि, वॉयस ऑफ स्लम का मुख्य उद्देश्य झुग्गी झोपड़ी के बच्चों को शिक्षित करना है। हमारी संस्था नोएडा सेक्टर 44 में झुग्गी झोपड़ी के बच्चों के लिए स्कूल चलाती है। कोरोना वायरस आपदा के समय हमने यह कदम उठाया है।