गूगल इंडिया के रिसर्च हेड मनीष गुप्ता ने कहा, सभी भारतीय भाषाओें में संस्कृत का अपना खास स्थान है। आईसीसीआर की ओर से भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए उठाया कदम सराहनीय है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गूगल प्रतिबद्ध है।
जल्द गूगल ट्रांसलेट पर हिंदी सहित संविदान की आठवीं अनुसूची में शामिल 13 भाषाओं के साथ संस्कृत का अनुवाद भी होने लगेगा। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने इस पर गूगल के साथ एमओयू साइन किया है। आईसीसीआर ने अपने इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत गूगल को संस्कृत के एक लाख शब्दों और वाक्यों के अनुवाद को गूगल को सौंपा है। यह अनुवाद डीयू के प्रोफेसरों और छात्रों की टीम ने तीन माह में किए।
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आईसीसीआर अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि संस्कृत प्राचीनतम भाषाओं में से एक है। कई यूरोपियन भाषाओं का जन्म संस्कृत से हुआ है। आईसीसीआर की इस पहल से दुनिया और भारत के बीच सेतू बनेगा। आईसीसीआर सभागार में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अभी गूगल को संस्कृत के एक लाख शब्द और वाक्य सौंपे गए हैं। भविष्य में इनकी संख्या दस लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कहा,अभी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से 13 का ही गूगल ट्रांसलेट पर अनुवाद उपलब्ध था। संस्कृत के जुड़ने के बाद इनकी संख्या 14 तक पहुंच जाएगी। उम्मीद जताई कि गूगल अनुसूची में शामिल अन्य भाषाओं पर भी काम करेगा।
गूगल इंडिया के रिसर्च हेड मनीष गुप्ता ने कहा, सभी भारतीय भाषाओें में संस्कृत का अपना खास स्थान है। आईसीसीआर की ओर से भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए उठाया कदम सराहनीय है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गूगल प्रतिबद्ध है। गूगल का प्रयास है कि हर भारतीय भाषा में लोगों तक जानकारी पहुंचे। कार्यक्रम में आईसीसीआर के महानिदेशक कुमार तुहीन, उप महानिदेशक राजीव कुमार के अलावा गूगल के अधिकारी और डीयू के प्रोफेसर मौजूद थे।