न्यू अशोक नगर के वसुंधरा एंक्लेव स्थित मनसारा अपार्टमेंट में मां सुमिता और बेटी समरिता की हत्या के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी शैंकी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। विनय उर्फ विक्रांत नागर ने अपने दोस्त शैंकी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दरअसल पिछले करीब तीन माह से समरिता विनय को नजरअंदाज कर रही थी। इससे खफा होकर विनय ने मां-बेटी की हत्या की साजिश रची।
रविवार को ही शैंकी मुंबई से आया था। दोनों देर रात सुमिता के घर पहुंचे और वारदात को अंजाम देकर निकल गए। विनय को पुलिस ने जयपुर से बस में दबोच लिया, जबकि शैंकी को ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल अभी सुमिता और समरिता के शवों का पोस्टमार्टम उनके रिश्तेदारों के न आने की वजह से नहीं हो पाया है। बृहस्पतिवार को उनके रिश्तेदारों के आने पर पोस्टमार्टम हो सकता है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक समरिता और विनय एक दूसरे को पिछले चार साल से जानते थे। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी तो विनय ने लिव इन में समरिता के साथ रहना शुरू कर दिया। यहां तक सुमिता व समरिता ने उसका खर्च तक उठाना शुरू कर दिया था। विनय नशे का आदी थी। रोज-रोज पैसों की डिमांड से समरिता ने विनय से दूरी बनाना शुरू कर दी। तकरार बढ़ने पर समरिता ने उसे घर से जाने के लिए भी कह दिया था।
यह बात विनय को नागवार गुजरी और उसने मां-बेटी की हत्या की साजिश रची। रविवार को शैंकी मुंबई से आया तो विनय ने उसे कॉल कर बुला लिया। दोनों देर रात समरिता के घर पहुंचे। घर के नीचे खड़े होकर विनय ने चुपचाप समरिता को कॉल किया। जैसे ही समरिता नीचे आई। आरोपी तीसरी मंजिल स्थित उसके फ्लैट में घुस गए। वहां सुमिता अपने कमरे में मौजूद थी।
आरोपियों ने चाकू के आठ-दस वारकर उसकी हत्या कर दी। इस बीच समरिता भी वहां पहुंची तो आरोपी उसे उसके कमरे में घसीटकर ले गए। वहां उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद देर रात करीब 2.51 बजे विनय ने समरिता की मारुति बलेनो कार और 43 हजार लेकर चलते बने। दोनों सोसाइटी के गेट को टक्कर मारकर फरार हो गए। बाद में आरोपियों ने समरिता की कार त्रिलोकपुरी में छोड़ दी। आरोपी विनय बस पकड़कर राजस्थान के लिए निकल गया, जबकि शैंकी ईस्ट ऑफ कैलाश अपने रिश्तेदार के घर आ गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड की गुत्थी से पर्दा उठा दिया। पुलिस मंामले की छानबीन कर रही है।