व्यापार कर विभाग द्वारा चार दिन पहले पकड़े गए ट्रक में मिले मवेशियों के मांस को दफनाने के सवाल पर बंधवाड़ी गांव के लोगों ने शुक्रवार को बवाल काटा। लागों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें दो पुलिस वालों सहित तीन लोग घायल हो गए।
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इसके चलते गुड़गांव-फरीदाबाद एक्सप्रेसवे पर घंटों जाम लगा रहा। इस जाम की वजह से कई कंपनियों को लाखों का नुकसान हुआ तो कई कामकाजी लोग अपने काम पर नहीं पहुंच सके। इतने सेंस्टिव मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उपायुक्त ने आयकर विभाग के ईटीओ और इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।
गांव वालों के मुताबिक ट्रक में कुछ जिंदा कमजोर पशु भी थे। इसलिए लोगों ने मौजूद पुलिस एवं प्रशासन को खदेड़ दिया। लेकिन फिर से जब जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर मांस दफनाने का प्रयास किया गया तो लोगों ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
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ट्रक में कुछ जिंदा पशु भी थे!
व्यापार कर विभाग द्वारा चार दिन पहले पकड़े गए ट्रक में कुछ जिंदा पशु होने की भी आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक ट्रक में मवेशियों के मांस के साथ कुछ कमजोर जिंदा पशु भी थे। जबकि पुलिस खुद को मामले से बचाने के लिए उन जिंदा पशुओं को भी दफना रही थी।
पुलिस पर पत्थर बरसाने के पीछे गांव वाले यहीं कारण बता रहे हैं। बंधवाड़ी गांव वालों ने बताया कि पहली बार तो मांस दफना रहे पुलिस प्रशासन को खदेड़ा गया। लेकिन जब पुलिस दोबारा जेसीबी और प्रशासन लेकर मांस दफनाने पहुंचे, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। जैसे ही पुलिस ने गड्ढे खोदना शुरू किया लोगों पथराव शुरू कर दिया।
घंटों जाम रहा गुड़गाव-फरीदाबाद मार्ग
गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर लगे जाम में फंसे लोगों को किसी तरह का रास्ता नहीं सूझ रहा था। लोग प्रशासन की ओर से होने वाली कवायद का इंतजार करते दिखे। झज्जर के रहने वाले होशियार सिंह फरीदाबाद जा रहे थे। उनको गुड़गांव होकर फरीदाबाद जाने का यही मार्ग पता है, इसलिए वह जाम खुलने का इंतजार करते दिखे।
कॉल सेंटर कैब के चालक भीम सिंह ने कंपनी के कर्मचारियों को लेकर गुड़गांव आना था, लेकिन वह जाम में फंस गए। आईएमटी मानेसर में वाहन चलाने वाला वीरेंद्र कंपनी के काम से फरीदाबाद जा रहा था। ढाई बजे के आसपास वह टोल पर पहुंचा, जहां पर लगे जाम के चलते वह आगे नहीं बढ़ पा रहा था। बलिया निवासी अरविंद सिंह कॉल सेंटर में कैब चलाता है। उसे जिस स्थान से कंपनी के लोगों को उठाना था, वह जाम वाले स्थान से चार किमी दूर था, लेकिन वह जाम खुलने का इंतजार कर रहा था।
टोल कंपनी को चार लाख का नुकसान
गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर आने-जाने वाले वाहनों का सिलसिला दोपहर दो बजे तक चल रहा था, जिसके बाद टोल की 14 खिड़कियों पर सन्नाटा पसर गया। टोल कंपनी में काम करने वाले युवकों ने फोन करके गांव वालों को पुलिस की निगरानी में जानवरों से लदा ट्रक जाने की बात बताई। टोल कर्मी प्रवेश कुमार की मानें तो टोल दो बजे के बाद बंद हो गया, जोकि साढ़े छह बजे चालू हुआ।
रोज इस समय हजारों वाहन निकलते हैं। औसतन टोल कंपनी को चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। टोल कंपनी की ओर से किसी भी तरह के वाहनों को नहीं निकाला जा रहा था। गांव वालों ने टोल के सामने बैरिकेड लगवा दिया था।
ग्वाल पहाड़ी के पास डायवर्जन
गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर जाम लगने की खबर के बाद देखते ही देखते वाहनों का दबाव बढ़ गया। एसीपी (ट्रैफिक) ममता खरब ग्वाल पहाड़ी चौकी पर पहुंचीं, जहां से ट्रैफिक को ग्वाल पहाड़ी होकर महरौली रोड पर निकाला जा रहा था। इसमें गुड़गांव से फरीदाबाद आने व जाने वाले लोग शामिल दिख रहे थे।
इसी वजह से शहर के बीपीओ व कॉल सेंटर में काम करने वाले सैकड़ों लोग फरीदाबाद में रहकर गुड़गांव में नौकरी करते हैं, जिनको लेने के लिए जा रहीं कैब भी जाम में फंस गईं। एक कॉल सेंटर की कैब के चालक अरविंद ने बताया कि वह दोपहर दो बजे फरीदाबाद के लिए निकला था। पौने तीन बजे के आसपास जाम में फंस गया, जिस कारण उसकी कैब से आने वाले सात लोग ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए।
व्यापार कर विभाग कितना चुस्त व दुरुस्त है, इसकी पोल खुलने के बाद पूरा विभाग विवादों के घेरे में आ गया है। प्रदेश के उच्चाधिकारियों के मिले आदेश के बाद ईटीओ और इंस्पेक्टर को निलंबित करके उपायुक्त ने पूरे मामले पर जांच रिपोर्ट मांगी है।
दिल्ली से सटे गुड़गांव में आने-जाने वाले वाहन व माल की जांच करने वाली व्यापार कर विभाग की टीम की पोल खुल गई है। उसे खेड़कीदौला टोल की ओर से आ रहे एक ट्रक की जानकारी मिली थी, जिसको टीम ने पुलिस वालों की मदद से रोकने का प्रयास किया।
पुलिस को देख चालक वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। व्यापार कर विभाग के लोगों ने ट्रक लाकर पार्क कर दिया और पार्टी के आने का इंतजार करते रहे।