पत्रकार विक्रम जोशी की पत्नी कविता ने कहा कि हत्यारोपियों को भी गोली मारी जाए। वहीं, सोमवार रात हमलावर पत्रकार विक्रम जोशी पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे। बड़ी बेटी पिता को बचाने के लिए गुहार लगा रही थी। इसी दौरान हत्यारोपियों ने बेटी से कहा कि तू भाग जा नहीं तो तुझे भी मार देंगे लेकिन पिता को बचाने के लिए वह शोर मचाती रही।
विक्रम जोशी की पत्नी कविता ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस तरह की घटना भी हो सकती है। वह कभी कभी बड़ी बहन के यहां रुक जाते थे। इसलिए अनहोनी की कोई आशंका नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आरोपियों की भी गोली मारकर हत्या होनी चाहिए।
उनकी मां, बहन और पत्नी भी इसी तरह तड़फेंगे जैसे हम लोग तड़फ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को उनसे जो लूटना था लूट लेते, लेकिन उन्हें मारते नहीं। बाइक, पैसे छीन लेते लेकिन उनकी हत्या नहीं करते। हमारी तो पूरी जिंदगी ही उजड़ गई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें नौकरी दी जाए, आर्थिक सहायता दी जाए और बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाए।
उस दिन को यादकर चाहत ने बताया कि वह अपनी बुआ के घर उनकी बेटी के जन्मदिन पर छोटी बहन बानी और पिता के साथ गई थी। रात ज्यादा होने लगी तो उसने पापा से घर चलने को कहा। वह लोग घर से कुछ ही दूर पहुंचे होंगे तभी कई युवकों ने धक्का देकर बाइक गिरा दी और गमछा से पिता का गला घोटने लगे।