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विक्रम जोशी हत्याकांडः पत्नी बोली-आरोपियों को भी मारी जाए गोली

Thu, 23 Jul 2020 06:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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विक्रम जोशी का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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पत्रकार विक्रम जोशी की पत्नी कविता ने कहा कि हत्यारोपियों को भी गोली मारी जाए। वहीं, सोमवार रात हमलावर पत्रकार विक्रम जोशी पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे। बड़ी बेटी पिता को बचाने के लिए गुहार लगा रही थी। इसी दौरान हत्यारोपियों ने बेटी से कहा कि तू भाग जा नहीं तो तुझे भी मार देंगे लेकिन पिता को बचाने के लिए वह शोर मचाती रही।

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विक्रम जोशी की पत्नी कविता ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस तरह की घटना भी हो सकती है। वह कभी कभी बड़ी बहन के यहां रुक जाते थे। इसलिए अनहोनी की कोई आशंका नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आरोपियों की भी गोली मारकर हत्या होनी चाहिए।

उनकी मां, बहन और पत्नी भी इसी तरह तड़फेंगे जैसे हम लोग तड़फ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को उनसे जो लूटना था लूट लेते, लेकिन उन्हें मारते नहीं। बाइक, पैसे छीन लेते लेकिन उनकी हत्या नहीं करते। हमारी तो पूरी जिंदगी ही उजड़ गई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें नौकरी दी जाए, आर्थिक सहायता दी जाए और बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाए। 
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उस दिन को यादकर चाहत ने बताया कि वह अपनी बुआ के घर उनकी बेटी के जन्मदिन पर छोटी बहन बानी और पिता के साथ गई थी। रात ज्यादा होने लगी तो उसने पापा से घर चलने को कहा। वह लोग घर से कुछ ही दूर पहुंचे होंगे तभी कई युवकों ने धक्का देकर बाइक गिरा दी और गमछा से पिता का गला घोटने लगे।

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मां पूरी रात करती रही बेटे का इंतजार

कुछ युवकों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। उसने पिता को बचाने की कोशिश की और शोर मचाया। आरोपियों ने चाहत से कहा कि तू यहां से भाग जा नहीं तो तुझे भी मार देंगे। चाहत ने बहादुरी दिखाते हुए कहा कि मार के दिखाओ। उसी दौरान एक युवक आया और उसने पापा के सिर में गोली मार दी। दूसरी गोली मारने के लिए वह तमंचे को लोड कर रहा था। इसी दौरान परिवार के अन्य लोग शोर सुनकर आ गए। उन्हें देखकर आरोपी भाग गए। चाहत ने बताया कि गमछा भी खींचातानी में फट गया। कहा कि वह सड़क पर बचाओ-बचाओ कोई तो पापा को बचाओ बोलकर शोर मचा रही थी लेकिन रास्ते में कोई नहीं रुका। वहां से गुजर रहे लोग हस्तक्षेप करते तो जान बच सकती थी।

मां पूरी रात करती रही बेटे का इंतजार
विक्रम जोशी की मां राजवती ने अमर उजाला को बताया कि वह अपने बेटे का पूरी रात इंतजार करती रही। उन्होंने बताया कि जो हुआ उसका उन्हें सपने में भी अंदाजा नहीं था। जब वह घर से बाहर होता था तो थोड़ी बेचैनी रहती थी। चूंकि वह अपनी बहन के घर गया था तो सोचा की रात में वहीं रुक गया होगा। बेटे को गोली लगने की सूचना रात में उन्हें किसी ने नहीं दी थी। राजवती को सुबह सात बजे जानकारी दी गई। मां ने कहा कि बेटा मेरा सबसे ज्यादा ध्यान रखता था।
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