विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा है कि मुख्यमंत्री का केन्द्र सरकार और उपराज्यपाल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप बेबुनियाद है। वह उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं, क्योंकि वह स्वयं कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं और केंद्र सरकार एवं उपराज्यपाल पर दोष मढ़ रहे हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उपराज्यपाल से मिलने के बाद ट्वीट करके उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही ऐलान किया कि हम सब मिल-जुलकर दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगे और संविधान सर्वोपरि है, मगर कुछ ही मिनट बाद संवाददाता सम्मेलन में उनके सुर ही बदल गए।
उन्होंने केन्द्र सरकार व उपराज्यपाल को जमकर कोसा और संविधान के प्रावधानों को उठाकर एक तरफ रख दिया। इससे पता चलता है कि वे मिनटों में गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार और उपराज्यपाल ने कभी भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन नहीं किया, परन्तु मुख्यमंत्री दिल्ली को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री की इस बात से घोर असहमति जताई कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से केन्द्र सरकार के पहले के सभी आदेश रद्द हो गए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 21 मई 2015 को जारी की गई अधिसूचना पर कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही इसे निरस्त किया है। संविधान के अनुच्छेद 239 एए के अंतर्गत निर्धारित शक्तियां उपराज्यपाल में निहित हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार डबल बैंच अब इन विषयों पर अंतिम निर्णय लेगा।