फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल, मधुमेह और हेपेटाइटिस की दवाएं हुईं सस्ती, एनपीपीए ने 58 तरह की दवाओं के मूल्य को किया नियंत्रित

Sat, 07 Jul 2018 08:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने फिर दवाओं की कीमत पर नियंत्रण करने की पहल की है। सरकार ने पिछले वर्ष तक 811 तरह की दवाओं की कीमत को कम किया था। जबकि इस बार एक माह के दौरान दो बार महंगी दवाओं को नियंत्रण के दायरे में लाया गया है।  

विज्ञापन


हाल ही में राष्ट्रीय मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 58 तरह की दवाओं की कीमत को कम किया है। इनका इस्तेमाल हृदय से जुड़ी समस्या, हेपेटाइटिस सी और मधुमेह के इलाज में किया जाता है। 58 में से 56 दवाओं की कीमत का खुदरा मूल्य तय किया गया है। साथ ही दो की उच्चतम सीमा तय की गई है। औषधि (कीमत नियंत्रण) आदेश 2013 के तहत इन दवाओं की कीमतों को संशोधित किया गया है। 

जानकारी के अनुसार 58 दवाओं की सूची में सोफोसबुवीर व लेडीपासवीर शामिल हैं। इसका इस्तेमाल हेपेटाइटिस सी के इलाज में किया जाता है। एनपीपीए ने तेनेलिगलिपटिन मेटफोरमिन टैबलेट की खुदरा कीमत को भी नियंत्रित किया है। इसका इस्तेमाल मधुमेह के इलाज में किया जाता है। वहीं, इससे पहले 12 जून को बैठक के बाद प्राधिकरण ने करीब 30 तरह की दवाओं की कीमत को नियंत्रित किया था। 
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो अगले माह भी करीब 20 से ज्यादा दवाएं नियंत्रण के दायरे में आ सकती हैं। इसी के साथ ही देश में करीब एक हजार से ज्यादा दवाएं मूल्य नियंत्रण में शामिल हो जाएंगी। इसका सीधा लाभी गरीब मरीजों को होगा। इतना ही नहीं सरकार जल्द ही आवश्यक दवाओं की सूची में बदलाव करने जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस सूची में अब तक करीब 350 तरह की दवाएं शामिल हैं, जिन्हें बढ़ाकर 500 तक ले जाने की योजना है। इस पर काम चल रहा है। जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें