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दिल्ली विधानसभा चुनावः विजेंद्र गुप्ता ने कहा, मुफ्त सुविधाएं चुनावी पैंतरेबाजी 

Sun, 19 Jan 2020 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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vijender gupta
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विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ गई है। प्रत्याशियों की घोषणा के साथ नामांकन भी शुरू हो गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री का चेहरा पेश नहीं किया है। भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली सरकार की सब्सिडी योजना है। तीन विधायकों से सत्ता तक पहुंचने के लिए 36 विधायकों की जरूरत है। अनधिकृत कॉलोनी में रजिस्ट्री तो शुरू हुई, लेकिन 20 से आगे नहीं बढ़ी, एमसीडी पर भी आरोप लगते रहते हैं। इन तमाम सवालों पर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता से अमर उजाला संवाददाता नवनीत शरण ने बातचीत की-

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दिल्ली वाले भाजपा को क्यों वोट देंगे?
दिल्ली में विकास रुका हुआ है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होगी तो सभी एजेंसियां मिलकर दिल्ली का विकास करेंगी। एमसीडी को फंड की कमी नहीं रहेगी। स्थानीय निकाय भी बेहतर काम करेगा। केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना से लोगों को फायदा मिलेगा। जन आहार कैंटीन बंद है, इसे गरीबों के लिए खोला जाएगा।

एमसीडी भाजपा शासित है, फिर भी शिकायतें क्यों कम नहीं हैं?
दिल्ली सरकार ने एमसीडी को पंगु बनाने का काम किया। जानबूझकर एमसीडी के कार्य क्षेत्र में अड़ंगा डाला गया। सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी फंड नहीं जारी किया गया।
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दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी द्वारा दी जा रही मुफ्त सुविधाएं क्यों नहीं ले?
 मुफ्त सुविधाएं चुनावी पैंतरेबाजी है। सत्ता में आने के पहले आम आदमी पार्टी ने कहा था कि बिजली कंपनियों का सीएजी ऑडिट कराएंगे, जबकि बिजली कंपनियों से साठगांठ कर उन्हें फायदा पहुंचाया जा रहा है। असली वादा तो पूरा किया नहीं गया और वोट की राजनीति के लिए चुनाव के तीन महीने पहले गुमराह करने के लिए मुफ्त सुविधाएं दी जाने लगीं।

अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री शुरू करने की बात क्या राजनीतिक स्टंट नहीं है?
रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि एक भी रजिस्ट्री शुरू हुई तो भाजपा के लिए प्रचार करूंगा। उनकी कथनी और करनी में अंतर है। वह अपनी ही सरकार द्वारा की जाने वाली रजिस्ट्री पर क्यों सवाल उठा रहे हैं।

प्रत्याशी तो मैदान में उतर गए, मुख्यमंत्री का चेहरा क्यों नहीं पेश किया गया?
पार्टी की रणनीति है, भाजपा स्ट्रेटजी के साथ चुनाव लड़ती है। कई राज्यों में चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लड़ा गया। जीत दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री बनाने की परिपाटी भी है भाजपा में।

भाजपा की लड़ाई किस पार्टी से है, आप या कांग्रेस?
दिल्ली में त्रिकोणीय लड़ाई है। भाजपा की लड़ाई आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों से है। लोकसभा चुनाव में इन दोनों पार्टियों को दिल्ली की जनता ने नकार दिया है। भाजपा की जीत पक्की है। दिल्ली की जनता आप के झांसे में आने वाली नहीं है।

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