दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता का कहना है कि पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा से पूछताछ होने और उनकी ओर से प्रस्तुत किए गए सबूतों के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) दिल्ली जल बोर्ड टैंकर घोटाले में कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को गिरफ्तार करने पर जोर दिया।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड में वॉटर टैंकर घोटाले में जांच के लिए गठित की गई कमेटी की 14 जुलाई 2015 की रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड को लगभग 400 करोड़ रूपये का नुकसान कांग्रेस सरकार के समय से चल रहे वॉटर टैंकर घोटाले से हो रहा है। यह घोटाला आम आदमी पार्टी सरकार ने भी चालू रखा है।
इस घोटाले की फाइल लगभग एक वर्ष जानबूझकर बगैर किसी कार्रवाई के मुख्यमंत्री कार्यालय में दबाकर रखी। यह एक गंभीर अपराध है जिसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पर है।
विजेंद्र गुप्ता के अनुसार इस घोटाले का गंभीर पहलू यह है कि तत्कालीन जल मंत्री कपिल मिश्रा ने 28 अगस्त 2015 को मुख्यमंत्री को इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करवाने की सिफारिश की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने अज्ञात कारणों से बिना किसी कार्रवाई के मामले को दबा दिया। यह मामला उनकी अगुवाई में भाजपा विधायकों ने 10 जून 2016 को सदन में उठाने के बाद ही एसीबी को जांच के लिए भेजा गया।