दिल्ली प्रदेश भाजपा ने प्रदूषण के मसले पर दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संजीदा नहीं हैं।
उन्होंने प्रदूषण से निपटने के लिए विशेषज्ञों और विपक्षी दलों के साथ बैठक तक नहीं बुलाई है। इसकी जगह सम-विषम के सहारे वह अपना आखिरी चुनावी स्टंट कर रहे हैं।
भाजपा सांसद विजय गोयल ने शनिवार को मास्क लगाकर मीडिया से बात की। गोयल के मुताबिक, आज दिल्ली के बच्चे अपने मुख्यमंत्री से कह रहे हैं कि केजरीवाल अंकल, साफ-सुथरी हवा दिलवा दो।
गोयल का कहना है कि बीते 57 महीने में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए कोई काम किया होता तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। मुख्यमंत्री की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह उपराज्यपाल के सोफे पर बैठकर धरना देते हैं। गणतंत्र दिवस परेड रोकने के लिए रेल भवन के सामने लेट जाते हैं। प्रदूषण कम करने के नाम पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमकाते हैं और नेताओं पर अभद्र टिप्पणी करके माफी मांग लेते हैं। यही नहीं, बच्चों की कसम खाकर भी वह मुख्यमंत्री बनने पर सुरक्षा, गाड़ी और बंगला ले लेते हैं।
विजय गोयल ने सीएसई की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि अन्य राज्यों में पराली जलाने से दिल्ली में मात्र 4 से 10 प्रतिशत प्रदूषण होता है। 90 प्रतिशत प्रदूषण खुद दिल्ली के विभिन्न स्रोतों से होता है।
उन्होंने सवाल किया कि प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों को सीमित करने के लिए पांच साल में केजरीवाल ने क्या किया? गोयल के मुताबिक, दिल्ली में केजरीवाल की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। इसे बचाने के लिए वह आखिरी कोशिश कर रहे हैं।