बदमाश नितिन ने बताया कि उन्होंने स्कूल वैन ड्राइवर नरेश थापा को इसलिए गोली मारी थी कि ताकि बच्चे का अपहरण करने के बाद वह उनका पीछा नहीं करे।
बदमाशों को लगता था कि बच्चे का अपहरण करने के बाद ड्राइवर उनका पीछा करेगा और वह पकड़े जाएंगे।
परिवार की खुशी को देखकर पुलिस अधिकारियों का गला भर आया
दिल्ली पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर जब पीड़ित परिवार को सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने उनकी जिंदगी लौटा दी है।
बेटे को सीने से लगाते ही उसके माता-पिता की आंखों में आंसुओं की झड़ी लग गई। डीसीपी रामगोपाल नायक खुद बच्चे को उसके माता-पिता को सौंपने गए थे। उन क्षणों में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों व अधिकारियों का गला भर आया।