सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने घुसपैठ-रोधी ग्रिड को मजबूत करने के लिए पंजाब और जम्मू से लगती पाकिस्तानी सीमा के पास स्थित चौकियों पर सैन्य बल बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है।
आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि सीमा पार से गोला-बारूद और ड्रग्स पहुंचाने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर नकेल कसने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती का निर्देश दिए गए हैं। चंडीगढ़ मुख्यालय वाली सीमा सुरक्षा बल की पश्चिमी कमान ने इन दोनों क्षेत्रों में अग्रिम मोर्चे पर नौ सामरिक मुख्यालय स्थापित करने का भी निर्देश दिया है।
सूत्रों ने बताया कि नए नियंत्रण कक्षों की निगरानी में अधिकतम खुफिया और ऑपरेशन संबंधी साजो-सामान यहां स्थानांतरित किया जाएगा। गौरतलब है कि सामरिक या टैक मुख्यालय एक ऐसा अग्रिम बेस होता है जो सीमा के करीब होता है। ये सीमा चौकी के नजदीक और बटालियन बेस से आगे होता है। सूत्रों के मुताबिक, सामरिक मुख्यालय में हर स्तर के एक वरिष्ठ कमांडर की तैनाती होगी, जिसमें बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) भी शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बटालियन मुख्यालयों से स्थानांतरित कर अधिकतम जवानों को इन दोनों क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा इकाइयों में तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह कदम सीमा पार से घुसपैठ और पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया है। पंजाब में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्देशों के तहत ऐसे कदम जल्द से जल्द उठाए जाने हैं।
पिछले साल 294 ड्रोन बरामद
पंजाब में बीएसएफ ने पिछले साल कुल 294 ड्रोन बरामद किए और लगभग 283 किलोग्राम हेरोइन जब्त की। इनमें से अधिकांश उपकरण चीन निर्मित थे। 2023 में इस मोर्चे पर ड्रोन जब्ती की संख्या 107 थी। बल ने पिछले साल पंजाब सीमा में घुसपैठ करने वाले चार संदिग्ध को भी मार गिराया था। वहीं, 30 पाकिस्तानी नागरिकों के साथ 161 भारतीय तस्करों को पकड़ा।