जिला महिला अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में स्वास्थ्य अफसरों ने महिला के लड़का नहीं लड़की होने का दावा किया है। अमर उजाला में बच्चा बदलने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य अफसर नींद से जागे और बच्चे के जन्म से लेकर भर्ती होने तक की जांच पड़ताल की। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती के दौरान वार्ड स्टाफ से लड़का दर्ज करने की गलती सामने आई है।
बता दें कि जिला महिला अस्पताल में लापरवाही के मामले समय-समय पर सामने आते रहते है। जिसके बाद भी अफसर और स्वास्थ्य कर्मी लापरवाही बरतना नहीं छोड़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार गत दो अगस्त को खुर्जा जंक्शन क्षेत्र के गांव अरनियां मंसूरपुर निवासी चंचल पत्नी अंकुर को भर्ती किया गया था। तीन अगस्त को ऑपरेशन से महिला को लड़की हुई। जिसकी जानकारी महिला की जेठानी पुष्पा को दी गई और बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में स्थित एसएनसीयू वार्ड में महिला के परिजनों की देखरेख में भर्ती किया गया। जहां लड़की को लड़का बनाकर भर्ती किया गया। अन्य परिजनों को मामले की जानकारी न होने पर एसएनसीयू वार्ड में लड़का होने की जानकारी लगी। बाद में लड़का की जगह लड़की होने पर परिजनों द्वारा बच्चा बदलने का आरोप लगाया।
जिसे अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ‘जिला अस्पताल में बदला बच्चा, मां को बेटे की जगह दे दी बेटी’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य अफसरों में हड़कंप मच गया और बच्चे के जन्म से लेकर भर्ती होने तक के दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में लेबर रूम के दस्तावेज में लड़की ही दर्ज मिली। वहीं, एसएनसीयू वार्ड के स्टाफ द्वारा लड़की को लड़का बनाकर भर्ती किया गया। जिसमें वार्ड प्रभारी की भी लापरवाही रही, जो लड़की को लड़का समझकर उपचार करती रही और बाद में हालत गंभीर होने पर अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भी लड़का बताकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों को लड़की होने की जानकारी मिली।
पूर्व में भी एसएनसीयू वार्ड में हो चुकी है लापरवाही
ऐसा नहीं है कि एसएनसीयू वार्ड में लापरवाही का यह कोई पहला मामला है। इससे पूर्व भी एसएनसीयू वार्ड में कई बार लापरवाही हो चुकी है। गत एक वर्ष पूर्व रात्रि के समय बिजली न होने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इस दौरान वार्ड स्टाफ की लापरवाही स्वास्थ्य अफसरों ने कबूल की थी। लेकिन वार्ड स्टाफ की जगह जनरेटर कर्मी पर गाज गिराकर मामले को बंद कर दिया गया। इसके बाद भी स्टाफ द्वारा लापरवाही बरतने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे। अब स्टाफ द्वारा लड़की को लड़का दर्ज कर भर्ती किया गया।
मामले की जांच की गई है। महिला को लड़की ही पैदा हुई थी, जो एसएनसीयू वार्ड में गलती से लड़का दर्ज हो गई। परिजनों को समझा दिया गया है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ