हरियाणा का विक्की डोनर ‘युवराज’ उर्फ युवी के कद्रदान सात करोड़ में खरीदने को तैयार है, लेकिन कर्मवीर बेचना नहीं चाहता है। कर्मवीर अपने विक्की डोनर ‘युवराज’ के जरिए सालाना 40 लाख रुपये कमाता है। इसके कद्रदानों में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी शामिल है।
ठहरिए, आप क्रिकेटर युवराज सिंह के बारे में सोचने लगे। इससे पहले हम बता दें कि यह ‘युवराज’ कुरुक्षेत्र जिले का देश का सबसे महंगा मुर्राह नस्ल का भैंस है। जो शुक्रवार को एग्री लीडरशिप समिट के पशु मेला में विशेष तौर पर शामिल हुआ है।
कर्मवीर का कहना है कि उनकी पहचान युवराज के दम पर काफी हद तक कही जा सकती है। मोहाली में हुए राष्ट्रीय पशु मेले में सात करोड़ का ऑफर ठुकरा दिया था।
लग्जरी कार से महंगी है भैंसे
कर्मवीर बताते है कि सुबह नाश्ते के तौर पर चार किलो सेब खिलाया जाता है और दूध देने वाला यह नस्ल खुद ही दिन में 20 लीटर दूध पीता है। यही नहीं ‘युवराज’ की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए इसे कई किलोमीटर की सैर भी कराई जाती है।
कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके कुरुक्षेत्र के इस पशुपालक कर्मवीर कहते है युवी के वीर्य बेचकर उन्हें सालाना 40 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है।
पशु मेले में मौजूद सुल्तान, मोहनी, लक्ष्मी, विरेंद्र लोगों का आकर्षण का केंद्र है। इनकी कीमत लाखों रुपये है। रोहतक से आए हिमांशु कहते हैं इसे बड़े प्यार से पाला है। हर दिन 33-40 लीटर दूध देती है। इसकी कीमत पांच लाख से अधिक है।
पशु मेले में दक्षिण हरियाणा की अनदेखी की गई है। 60 पशुओं में फरीदाबाद, पलवल, गुड़गांव, मेवात के किसी भी पशुपालक को शामिल नहीं किया गया है। सबसे ज्यादा रोहतक, कुरुक्षेत्र और झज्जर के पशुपालक आए है।