महिला नटवरलाल ने पांच बेरोजगारों को विदेश भेजने के नाम पर जाल में फंसाया और उनसे 30 लाख रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं इनमें से दो के पासपोर्ट भी लेकर फरार हो गई। एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने मामले की जांच करने के आदेश क्राइम ब्रांच को दिए हैं। मामले की जांच एसपी क्राइम विश्वजीत श्रीवास्तव कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, रबूपुरा निवासी ऑटो चालक इंद्रजीत के ऑटो में अप्रैल में कासना जाने के लिए महिला सवार हुई। महिला किसी से फोन पर बातचीत कर रही थी, उसमें महिला ने कई बार विदेश भेजने व नौकरी लगवाने की बात कही। इंद्रजीत ने महिला से विदेश में नौकरी करने की इच्छा जाहिर की। महिला ने अपना नाम पंजाब निवासी रजतपायल बताया और मोबाइल नंबर देकर चली गई।
दूसरे दिन इंद्रजीत ने महिला को नौकरी के लिए फोन किया। महिला ने पूछा कि अगर और कोई भी इच्छुक हो तो वह उन्हें भी विदेश में नौकरी दिला देगी। कनाडा में कुक और हेल्पर की नौकरी दिलाने के नाम पर उसने पांच लाख रुपये मांगे। इंद्रजीत ने सूरजपाल, रविंद्र, जितेंद्र और विपिन को महिला से मिलवाया।
इनमें से सूरजपाल और रविंद्र का पासपोर्ट रजतपायल ने मांग लिया और अन्य सभी लोगों से रुपये का इंतजाम करने को कहा। पीड़ित सूरजपाल ने बताया कि कुल तीस लाख रुपये उन्होंने महिला दे दिए। 10 दिनों बाद रजतपायल ने मोबाइल नंबर बंद कर लिया। इसके बाद उन्हें ठगे जाने का पता लगा। पुलिस थानों में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित मंगलवार को एसएसपी से सेक्टर-14 ए स्थित उनके ऑफिस पर जाकर मिले और शिकायत की।
होटल में रुकवाया और फरार हुई
विदेश भेजने का झांसा देकर महिला ने पांचों से 30 लाख रुपये ऐंठने के बाद फ्लाइट से भेजने का बहाना बनाया और दिल्ली के एक होटल में पांच दिनों तक रखा। इसके बाद फरार हो गई।