राज्यसभा के सभापति ने कॉलेज की प्लैटिनम जयंती के अवसर पर भारतीय संसद में महिलाओं की भूमिका विषय पर भाषण दिया। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं की भूमिका बहुत बड़ी है। जल्द ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कम से कम एक-तिहाई सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की जाएंगी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 21 सितंबर को इतिहास रचा गया, जब महिला आरक्षण विधेयक कानून बना। इसे नए संसद भवन में पारित किया गया। उन्होंने कहा, यही कदम से भारत को 2047 तक दुनिया के शीर्ष पर ले जाएगा।
उन्होंने संसदीय प्रक्रिया पर आयोजित 15 दिवसीय पाठ्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मिरांडा हाउस के पांच प्रशिक्षुओं को आमंत्रित किया। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करने के लिए मिरांडा हाउस की प्रशंसा की। लगातार सात साल से कॉलेज की रैंकिंग बरकार है। इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और डीन ऑफ कॉलेज बलराम पाणि भी मौजूद थे।