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Delhi: एक छत के नीचे आए देशभर के शिल्पगुरु, राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में कलाकृतियों को देखने का मौका

Thu, 01 Dec 2022 08:23 AM IST
शाहरुख खान आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के इन प्रमुख शिल्पकारों को 28 नवम्बर को विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 2017, 2018, 2019 का राष्ट्रीय शिल्पगुरू व राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया है। इन कलाकारों की बनाई गई अनूदित कलाकृतियों को भैरो मार्ग स्थित संग्रहालय में पांच दिसम्बर तक आम लोगों को देखने के लिए रखा गया है।
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राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में शिल्पगुरु और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकारों द्वारा बनाई कलाकृति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में देशभर के शिल्पगुरु व राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार एक छत के नीचे आए हैं। शिल्प के जानकारों व कला प्रेमियों के लिए इनसे मिलने व इनके बनाए उत्पादों को देखने का यह सुनहरा अवसर है। 
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देश के इन प्रमुख शिल्पकारों को 28 नवम्बर को विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 2017, 2018, 2019 का राष्ट्रीय शिल्पगुरू व राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया है। इन कलाकारों की बनाई गई अनूदित कलाकृतियों को भैरो मार्ग स्थित संग्रहालय में पांच दिसम्बर तक आम लोगों को देखने के लिए रखा गया है। 

वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयोग व नेशनल डिजाइन सेंटर के सहयोग से इन कलाकारों के बनाए गए सामानों को प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। इसमें उन्हीं उत्कृष्ठ कलाकृतियों को रखा गया है, जिन्हें बनाने पर शिल्पकारों को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। एनडीसी के राम किशन ने बताया कि यहां पर 30 शिल्प गुरु और 78 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों की बनाई गई कलाकृतियां शामिल हैं। 
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कोरोना महामारी के कारण इन कलाकारों को दो साल यह पुरस्कार नहीं मिला था। वस्त्र मंत्रालय की ओर से 1965 से प्रमुख शिल्पकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाता है। शिल्प गुरु पुरस्कार 2002 में शुरू किया गया। यह पुरस्कार हर साल देश की समृद्ध और विविध शिल्प विरासत के सरंक्षण के लिए हस्तशिल्प क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिल्पकारों को दिया जाता है। हस्तशिल्प का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। रोजगार और निर्यात बढाने में भी इस क्षेत्र का बड़ा योगदान है।
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फिरोजाबाद के कलाकार राज कुमार ने कांच कला का अद्भुत नमूना तैयार किया है। कांच के बेहतर डिजाइन, रूप, रंग से मयूर बनाया है। मुरादाबाद के इकराम हुसैन ने पीतल धातु पर नक्काशी कर खूबसूरत बर्तन बनाए हैं। चेन्नई के वी पनीरसेल्वम ने तंजौर चित्रकला, दिल्ली के अमित सचदेवा ने स्टोन डस्ट, गोपालदास शर्मा ने लघु चित्रकारी, पश्चिम बंगाल बांकुरा के बबलू नंदी ने शंख पर नक्काशी की है। 

ऐसे ही दूसरे शिल्पकारों द्वारा वाद्य यंत्र वीणा, चंदन की चकड़ी पर नक्काशी, रेशा शिल्प, चमड़े की कठपुतली, हड्डी पर नक्कशी, टेराकोटा शिल्प, कुंभकारी, ताड़ के पत्ते पर चित्रकारी, लाख शिल्प और हस्त ठप्पा छपाई इत्यादि का काम यहां देखा व सीखा जा सकता है। 

ढाई साल में बनाया श्रीराम दरबार
गोपाल प्रसाद शर्मा ने मुगल व राजपूताना शैली में ढाई साल की अवधि में राम दरबार का चित्र बनाया हैै। यह चित्रकारी हस्तनिर्मित कागज पर की गई है।
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