भैरो रोड से रिंग रोड को जोड़ने वाले अंडरपास में इस वर्ष वाहन नहीं दौड़ पाएंगे। प्रदूषण के कारण अंतिम चरण का बचा हुआ काम अभी पूरा नहीं किया जा सका है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद एक से दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। अंडरपास के शुरू होने से आईटीओ और भैरो मार्ग के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए समय कम हो जाएगा।
अंडरपास नंबर-पांच यानी भैरो मार्ग रिंग रोड अंडरपास प्रगति मैदान सुरंग सड़क परियोजना का हिस्सा है। अंडरपास को शुरू करने की 9 से अधिक बार तय समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। हाल में दिल्ली सरकार ने दिसंबर अंत तक अंडरपास को शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रदूषण के कारण काम पूरा नहीं हो पाएगा। अधिकारियों का कहना है कि काम शुरू होने के बाद एक से दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भैरो रोड अंडरपास का काम व्यस्त रेलवे लाइन के नीचे चल रहा है जाे चुनौतीपूर्ण है। जुलाई की बाढ़ के कारण इसके अंदर बहुत अधिक गाद जमा हो गई, जिससे इस्तेमाल की जा रही बाॅक्स पुशिंग का काम रुक गया और निर्माण कार्य करीब दो माह प्रभावित रहा। जहां पर अंडरपास बनाया जा रहा है, वह काफी दबाव वाला हिस्सा है। एक तरफ रिंग रोड का यातायात है, वहीं नई दिल्ली से गाजियाबाद की तरफ जाने वाली रेलवे लाइन भी ऊपर से गुजरती है, जिस पर ट्रेनों का भारी आवागमन होता है।
अंडरपास शुरू होने से ढाई किलोमीटर का चक्कर होगा खत्म
आईटीओ की तरफ से भैरो मार्ग पर जाने के लिए वर्तमान में रिंग रोड पर पहले मिलेनियम पार्क के पास बने फ्लाईओवर के पास जाना पड़ता है, उसके नीचे से यू-टर्न कर वापस आना पड़ता है। इससे कुल करीब ढाई किलोमीटर का चक्कर वाहन चालकों को लगाना पड़ता है। वहीं भैरो मार्ग से रिंग रोड पर मिलेनियम पार्क की ओर जाने के लिए अभी भैरो मार्ग से आकर पहले रिंग रोड पर एक किलोमीटर के करीब आईटीओ की ओर जाना होता है। पेट्रोप पंप पार करने के बाद यू-टर्न से वापस आना होता है। ऐसे में लोगों को दो किलाेमीटर का चक्कर तो लगाना ही पड़ रहा है, जाम में भी फंसना पड़ रहा है।