दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) अपने 41 बस डिपो में प्राइवेट पार्किंग की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। यह पार्किंग सुबह नौ से शाम सात बजे तक के लिए होगी। उसके बाद पार्किंग वाले स्थान पर डीटीसी की बसें खड़ी होंगी। योजना के अनुसार दिन में जब बसें सड़कों पर होंगी और डिपो खाली रहेंगे तब लोगों को डिपो में गाड़ियां पार्क करने की अनुमति दी जाएगी। यहां पर एमसीडी और एनडीएमसी द्वारा निर्धारित दरों पर ही पार्किंग शुल्क लागू किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में 41 बस डिपो और मेंटेनेंस शेड को प्राइवेट वाहनों के पार्किंग के लिए खोला जाएगा। ये सभी डिपो और शेड घनी आबादी वाले इलाकों में हैं। कालकाजी, आंबेडकर नगर, ओखला, नेहरू प्लेस, श्रीनिवासपुरी, सरोजिनी नगर, नोएडा, हरि नगर, मायापुरी, शादीपुर, द्वारका और रोहिणी जैसे इलाकों में यह सुविधा शुरू होगी। इन रिहायशी इलाकों में बाजार भी हैं, जहां भारी भीड़ होती है। अधिकारियों का दावा है कि एक से दो माह में सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद डीटीसी बस डिपो में प्राइवेट गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। पहले दो वर्षों के अनुबंध पर दिया जाएगा। इसे एक-एक वर्ष के लिए तीन बार बढ़ाया जा सकेगा। लोग महीने भर के लिए भी पार्किंग बुक कर सकेंगे। प्राइवेट पार्किंग में गाड़ियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे।
योजना से डीटीसी की भरेगी झोली
इस योजना से डीटीसी को आर्थिक लाभ होगा, साथ ही खाली जगह का अच्छा उपयोग भी होगा। डीटीसी अपने डिपो से कमाई करने के बारे में काफी समय से सोच रहा था। बस डिपो पर मल्टीलेवल पार्किंग स्पेस बनाने की भी कई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक इन्हें जमीन पर नहीं उतारा जा सका है। डीटीसी ने वर्ष 2004 में 16 डिपो को प्राइवेट पार्किंग के लिए खोला था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से योजना सफल नहीं हो पाई।