इसे लेकर परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पुरानी गाड़ियों का लेकर जो आकलन किया गया था, उसके अनुसार 40 लाख पुरानी गाड़ियां ऐसी हैं जिनपर नंबर प्लेट नहीं हैं। इसमें कार और दोपहिया दोनों वाहन शामिल हैं। नए नंबर प्लेट को हासिल करने की प्रक्रिया 2 अक्टूबर से ही शुरू हो गई है।
ऐसा हो नंबर प्लेट
आपको बता दें कि नए नंबर प्लेट देने के लिए अभी दिल्ली में 13 अधिकृत सेंटर बनाए गए हैं। यह नियम इसलिए बनाया गया है, जिससे वाहनों की चोरी और उसका गलत इस्तेमाल होने से रोका जा सके। हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट एल्यूमिनियम की बनी और चमकीले टेप के साथ आ रही है। इसके साथ ही इन्हें टेंपर प्रूफ बनाया गया है।
उत्तराखंड में वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने डेडलाइन तय कर दी थी। जिसमें 30 सितंबर के बाद बिना हाई सिक्योरिटी प्लेट के दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह गाइडलाइन शीर्ष अदालत ने जारी की है, इसके अनुसार वाहन स्वामियों को अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। संभागीय परिवहन विभाग ने 13 सितंबर से पूर्व पंजीकृत वाहनों में इस नंबर प्लेट को लगाने के लिए समय सीमा निर्धारित कर दिया था।