मगर उसका चाचा वहां पहुंचा तो उसके गले पर निशान देखकर उसने पुलिस को सूचित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम पीजीआई रोहतक में करवाया गया तो रिपोर्ट में पता चला कि गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार को सौंपी गई।
इंस्पेक्टर नवीन ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि त्रिलोकी नशेड़ी था और अक्सर अपनी बहन व उसके बच्चों को पीटता रहता था। बुधवार शाम को घर आने के बाद उसने अपने भांजे के हाथ की एक उंगली भी तोड़ दी थी। पुलिस ने रजनी से पूछताछ की, तो वह बार-बार बयान बदल रही थी। इस पर जब उससे सख्ती के साथ पूछताछ की तो उसने त्रिलोकी की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
रजनी ने बताया कि नोटबंदी से पहले उसके भाई ने अपना मकान बेचकर उसके पास 7.25 लाख रुपये रखवाए थे। उसके बाद से वह उनके साथ रह रहा था। अब वह उन रुपयों को वापस मांग रहा था। इसको लेकर अक्सर नशे में उनके साथ झगड़ा करता और मारता पीटता था।
बुधवार शाम को भी नशे में धुत त्रिलोकी ने उसके बेटे के साथ मारपीट की और उंगली तोड़ दी। इससे तंग आकर आधी रात को उसने त्रिलोकी के कमरे में रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।