दिल्ली के बाजार में जिन सब्जियों को ताजे हरे और स्वादिष्ट होने के दावों के साथ बेचा जाता है, दरअसल उनके भीतर के जहरीले पदार्थ किसी की पकड़ में नहीं आते। राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान कि रिपोर्ट के मुताबिक यमुना के तट पर जिन सब्जियों को उगाया जाता है उनमें अत्यधिक मात्रा में सीसा यानी कि लेड पाया गया है।
लंबे समय तक लेड का सेवन शरीर में तरह-तरह की छोटी बड़ी बिमारियों को जन्म देता है। यह पदार्थ अंदर ही अंदर शरीर के अंगों को नुकसान तो पहुंचाता ही है, साथ ही कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी का कारण भी बनता है।
सच तो यह है कि दिल्ली के बाजारों में बिकने वाली और यहां से सप्लाई की जाने वाली हरी सब्जियों की आड़ में आप भी खतरनाक बिमारियों को जन्म देने वाले जहरीले पदार्थ खा रहे हैं। इन सब्जियों का असर केवल दिल्ली या आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यही जहरीली सब्जियां ओखला, गाजीपुर और आजादपुर जैसी थोक बिक्री वाली बड़ी मंडियों में भी सप्लाई की जाती हैं।
इन बड़ी मंडियों से होते हुए यही सब्जियां साप्ताहिक बाजारों तक पहुंचती हैं, जिसके बाद संडे मार्केट, मंडे मार्केट और अन्य बाजारों से हम आप इन्हें खरीद कर घर लाते हैं।