बहुचर्चित धौलाकुआं गैंगरप मामले में फैसला सोमवार को आने की संभावना है। वर्ष 2010 में हुए इस मामले में पांच आरोपी है। आरोप है कि उन्होंने नार्थ ईस्ट की बीपीओ कार्र्मचारी से गैंगरेप किया था।
द्वारका अदालत स्थित विरेन्द्र भट्ट ने दोनों पक्षों की अंतिम जिरह सुनने के बाद 8 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 24 नवंबर 2010 की रात पीड़िता अपने दोस्तों के साथ ऑफिस से काम पूरा कर घर लौट रही थी।
उसी दौरान आरोपी शमशाद, उस्मान उर्फ काले, शाहिद उर्फ छोटा बिल्ली, इकबाल उर्फ बड़ा बिल्ली व कमरूद्दीन उर्फ मोबाईल ने उसका अपहरण कर लिया। सभी आरोपी पीड़िता को मंगोलपुरी क्षेत्र में ले गए और गैंगरेप कर उसे सुनसान सड़क पर फेंक कर फरार हो गए।
ट्रायल के दौरान आरोपी कमरूद्दीन, शाहिद व इकबाल ने शिनाख्त परेड मेें शामिल होने से इनकार कर दिया था। वहीं पीड़िता ने पहचान परेड में आरोपी शमशाद व उस्मान की पहचान की थी।
इस घटना के बाद ही पुलिस ने दिल्ली व एनसीआर में सभी बीपीओ कर्मचारियों को रात की डयूटी के बाद घर तक छोड़ने का निर्देश दिया था।