जेएनयू में छात्रों पर रविवार शाम हिंसा व हमले के बाद वीसी ने करीब पौने सात बजे मेन गेट पर पुलिस तैनात करने की सूचना दी थी। हमलावरों के जाने के करीब एक घंटे बाद पुलिस कैंपस में पहुंची थी। इस मामले में वीसी एम जगदीश कुमार की कड़ी निंदा हो रही है।
कैंपस में माहौल दोपहर से ही तनावग्रस्त था और पुलिस को पेरियार हॉस्टल पर हिंसा की पहली कॉल करीब पौने चार बजे मिली थी। इस कॉल पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुये प्रशासनिक खंड पर तैनात पुलिसकर्मियों को पेरियार हॉस्टल भेजा था।
वहां पर कुछ लोगों ने छात्रों पर डंडों से हमला किया था लेकिन हमलावर हॉस्टल के भीतर नहीं गए थे। पेरियार हॉस्टल से शाम सवा चार बजे तक पुलिस को मारपीट की 17 कॉल मिली थीं। वहां से भीड़ को हटाने के बाद पुलिसकर्मी वापस प्रशासनिक ब्लॉक आ गए थे।
इसके बाद करीब सवा पांच बजे डीसीपी देवेंद्र आर्य कैंपस पहुंचे थे और हालात का जायजा लिया था। हालात सामान्य जान वह वापस कैंपस के मेन गेट पर आ गए थे। इस घटना के बाद मेन गेट को बंद कर दिया गया था लेकिन कैंपस में हिंसा हो रही थी।
पुलिस को एक बार फिर करीब साढ़े पांच से पौने छह बजे के बीच कॉल मिली जिसमें कहा गया कि करीब 700 लोग कैंपस में घुस गए हैं। पुलिसकर्मियों को वापस वहां भेजा गया लेकिन उन्हें कोई भीड़ नहीं मिली। जब पीसीआर कर्मियों ने कॉल करने वाले को वापस कॉल की तो उसका मोबाइल फोन बंद था।